विपक्ष ने गुरुवार को एक बार फिर सरकार पर हमला करते हुए किसानों के लिए 60 हजार करोड़ रुपए के कर्ज माफी की बजट घोषणा को 'वित्तमंत्री का भ्रमजाल' बताया और कहा कि इससे विकास दर धीमी पडेगी तथा महँगाई बढ़ेगी।
लोकसभा में वर्ष 2008-09 के आम बजट पर चर्चा को आगे बढ़ाते हुए राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के घटक अकाली दल के शरणजीत सिंह ढिल्लों ने कहा कि मात्र दो हेक्टेयर तक के खेती वाले किसानों के कर्ज माफ करने से कोई लाभ नहीं मिलने वाला है। चार हेक्टेयर तक की जोत वाले किसानों को यह सुविधा दी जानी चाहिए।
वित्तमंत्री पी. चिदंबरम के बजट को पंजाब के लिए घोर निराशाजनक बताते हुए उन्होंने कहा कि राज्य के उद्योग धंधों को फिर से बसाने के लिए बजट में कोई उपाय नहीं किया गया है। खेती के लिए सिंचाई की सुविधा घटती जा रही है। जमीन का पानी घटता जा रहा है। दूसरी तरफ राज्य के उद्योग पलायन कर हिमाचल, उत्तराखण्ड और जम्मू-कश्मीर जैसे पहाड़ी राज्यों की तरफ भाग रहे हैं।
भारतीय जनता पार्टी के थावरचंद गहलोत ने किसानों की कर्ज माफी योजना को कोरा भ्रमजाल बताया। उन्होंने कहा कि इसमें 31 मार्च 2007 तक लिए गए कर्ज ही माफ किए गए हैं जबकि ज्यादातर किसानों ने इसके बाद कर्ज लिया है, उन्हें इसका फायदा नहीं मिलेगा। गहलोत ने कहा कि किसान क्रेडिट कार्ड के जरिये कर्ज लेने वाले किसानों का कर्ज माफ होगा अथवा नहीं इसमें भी संशय बना हुआ है।
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