केंद्रीय खेलमंत्री मणिशंकर अय्यर ने बुधवार को कहा कि व्यापक राष्ट्रीय खेल नीति के जरिये ही भारत की खेलों के क्षेत्र में संभावना का पता लगाया जा सकता है।
अय्यर ने क्यूबा के प्रतिनिधिमंडल से बातचीत के बाद कहा कि भारत को क्यूबा की राह पर चलने की जरूरत है। भारत को एक व्यापक खेल नीति चाहिए जो खेल विकास के सभी पहलुओं को अपने समेटे।
इस चार सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल में शारीरिक शिक्षा खेल प्रबंधन और शारीरिक संस्कृति के विशेषज्ञ शामिल थे। उन्होंने 34 भारतीय शहरों के 40 दिवसीय दौरे के बाद बुधवार को खेलमंत्री से मुलाकात की।
इस दौरे में प्रतिनिधिमंडल भारत के 1200 ट्रेनरों से मिला, जिसमें शारीरिक शिक्षा और खेल के साथ खेल प्रशासन और खेल चिकित्सा से जुड़े लोग भी शामिल हैं।
अय्यर ने कहा कि प्रतिनिधिमंडल ने हमें सुझाव दिया है कि यदि हम 20 करोड़ स्कूली बच्चों तक पहुँचकर उनके लिए खेलों से संबंधित शिक्षा और प्रशिक्षण सुनिश्चित करवा सकते हैं तो इससे न सिर्फ स्वास्थ्य में सुधार होगा बल्कि कुशल खिलाड़ियों का एक बड़ा समूह भी तैयार हो जाएगा और हम सभी ओलिंपिक स्पर्धाओं में शीर्ष दस में शामिल हो सकते हैं।
खेलमंत्री ने कहा कि उनका मानना है कि यदि हम ऐसी व्यापक खेल नीति लाएँ, जिसमें खेलों के सभी क्षेत्र शामिल हों तो हम अपने प्रशिक्षकों अपने साजो सामान और अपने संस्थानों के जरिये बड़ी उपलब्धि हासिल कर सकते हैं।
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