सरकार के अनुसार देश में मौजूदा समय में अल कायदा सहित 32 आतंकवादी संगठन सक्रिय है, जिनमें कुछ के विदेशी संगठनों से संपर्क हैं।
गृह राज्यमंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल ने राज्यसभा को बताया कि इस समय देश में अल कायदा, लश्कर-ए-तोइबा, हिजबुल मुजाहिदीन, हरकत उल जेहाद-ए-इस्लामी (हूजी) सहित करीब 32 आतंकवादी संगठन सक्रिय हैं।
जयप्रकाश अग्रवाल के प्रश्न के लिखित उत्तर में मंत्री ने कहा कि इनमें से कुछ संगठन सीमा पार से सहायता लेते हैं और उनके सीमा पार से संबंध हैं।
उन्होंने बताया कि इनके अलावा बब्बर खालसा, इंटरनेशनल खालिस्तान कमांडो फोर्स, खालिस्तान जिन्दाबाद फोर्स, इंटरनेशनल सिख यूथ फेडरेशन, जैश-ए-मोहम्मद, अल उमर मुजाहिदीन, जम्मू-कश्मीर इस्लामिक फ्रंट, यूनाइटेड लिबरेशन फ्रंट ऑफ असम (उल्फा), नेशनल डेमोक्रेटिक फ्रंट ऑफ बोडोलैंड, पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए), लिट्टे, स्टूडेंट इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया (सिमी) आदि इन संगठनों में शामिल हैं।
मंत्री ने बताया कि जम्मू-कश्मीर में आतंकवादी घटनाओं में मारे जाने वाले सुरक्षाकर्मियों और नागरिकों की संख्या में कमी आई है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2005 में राज्य में 189 सुरक्षाकर्मी मारे गए जबकि वर्ष 2007 में यह संख्या घटकर 110 रह गई।
उन्होंने बताया कि समान अवधि में तीन साल पहले जहाँ 597 नागरिक मारे गए, वहीं यह संख्या पिछले साल घटकर 158 रह गई। मंत्री ने बताया कि नक्सल प्रभावित राज्यों में भी मारे गए सुरक्षाकर्मियों की संख्या में बढ़ोतरी देखी गई।
इन राज्यों में वर्ष 2005 में 153 सुरक्षाकर्मियों की जान गई, वहीं पिछले साल यहाँ 236 सुरक्षाकर्मियों की मौत हुई। नक्सलवादी गतिविधियाँ मुख्य रूप से छत्तीसगढ़ में हुईं।
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