बेंगलुरू और हैदराबाद हवाई अड्डे को बंद करने के खिलाफ देश भर में भारतीय विमानन प्राधिकरण (एएआई) के 15 हजार कर्मचारियों की मंगलवार मध्य रात्रि से शुरू हड़ताल बुधवार को भी जारी रही, लेकिन इससे विमान सेवाओं पर कोई असर नहीं पड़ा। हालाँकि यात्रियों को कुछ परेशानियों का सामना करना पड़ा।
आधिकारिक प्रवक्ता ने यहाँ दावा किया कि इस हड़ताल का विमानों के परिचालन पर कोई असर नहीं हुआ। राजधानी दिल्ली एवं मुम्बई में हवाई अड्डों पर हड़ताल का कोई असर नहीं दिख रहा है, जिनका पहले ही निजीकरण हो चुका है।
जीएमआर दिल्ली अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा लिमिटेड (डीआइएएल) के प्रवक्ता निरुद्ध चौधरी ने कहा कि इंदिरा गाँधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की सेवाएँ हड़ताल से अप्रभावित हैं। प्रवक्ता ने कहा कि हड़ताली कर्मचारियों के कार्यों को निजी स्टाफ के हाथों में सौंप दिए जाने से दिल्ली में स्थिति सामान्य है। उन्होंने कहा कि अभी और निजी स्टाफ की भर्ती की योजना है।
नागरिक उड्डयन मंत्रालय और कर्मचारियों के बीच वार्ता विफल हो जाने के बाद कल आधी रात से हड़ताल शुरू हुई। केन्द्र सरकार ने नए हवाई अड्डों के संचालन के बाद बेंगलुरू और हैदराबाद हवाई अड्डों को बंद न करने की कर्मचारियों की माँग खारिज कर दी।
दिल्ली सरकार ने इंदिरा गाँधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर कल ही आवश्यक सेवा अनुरक्षण कानून (एस्मा) लागू कर दिया था।
हालाँकि देश भर में विमानों के परिचालन के लिए वायुसेनाकर्मी तैनात किए गए हैं, लेकिन हवाई अड्डे पर हड़ताल के कारण यात्रियों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। यहाँ हवाई अड्डे पर गंदगी, शौचालय से बाहर निकल रहे मल तथा सामान उतारने वाली पट्टी के काम नहीं करने से उन्हें काफी दिक्कतें हो रही हैं। एक यात्री ने कहा कि वरिष्ठ नागरिकों और मरीजों को सामान उतारने में बड़ी दिक्कत हो रही है।
पश्चिम बंगाल में भी विमानों का परिचालन लगभग सामान्य रहा। न तो किसी उड़ान का मार्ग बदलना पड़ा और न ही राज्य से गुजरने वाले विमानों पर कोई प्रभाव पड़ा। हालाँकि लोगों को सामान उतारने में काफी दिक्कतें हुईं। इसी बीच हड़ताल समर्थक राष्ट्रीय हवाई अड्डा संभाग भवन के सामने धरने पर बैठे हैं।
उधर चेन्नई में विमानों का परिचालन लगभग सामान्य रहा। राज्य सरकार और वायुसेना ने भारतीय हवाई अड्डा प्राधिकरण के अग्निशमन कर्मचारियों के हड़ताल के समर्थन में उतर जाने के बाद अपनी अग्निशमन सेवा तैनात कर दी है।
हैदराबाद में बेगम पेट भारतीय हवाई अड्डा प्राधिकरण के निदेशक आरके सिंगला ने बताया कि करीब ढाई सौ कर्मचारी हड़ताल में शामिल हैं, लेकिन विमानों का परिचालन अप्रभावित है। यहाँ हड़ताल का सबसे अधिक असर अग्निशमन सेवाओं पर पड़ा है और उसके लिए बाहर से लोग बुलाए गए हैं। तिरुचिरापल्ली में हवाई अड्डे पर हड़ताल समर्थकों ने बेंगलुरू और हैदराबाद हवाई अड्डों के निजीकरण के विरोध में धरना दिया।
एयरलाइंस के अधिकारियों ने सभी यात्रियों को हड़ताल के दौरान हलके सामान खासकर थैले लेकर ही चलने की सलाह दी थी। हड़ताल के दौरान सफाई कर्मचारी भी हवाई अड्डों पर नहीं दिखे।
नागरिक विमानन मंत्रालय ने कल एक अधिसूचना जारी कर 16 मार्च से बेगम पेट हवाई अड्डे से वाणिज्यिक परिचालन बंद होने तथा शम्साबाद के राजीव गाँधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से परिचालन शुरू किए जाने की पुष्टि की थी।
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