देश भर में मंगलवार को आधी रात से हवाई अड्डा कर्मचारियों द्वारा अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की धमकी से सैंकड़ों उड़ानों के ठप पड़ने और हजारों यात्रियों के फँसने की आशंका को देखते हुए वायुसेना को शाम से ही सतर्क कर दिया गया।
देश के प्रमुख हवाई अड्डों के निजीकरण की योजना के खिलाफ यह हड़ताल की जा रही है, जिसमें 127 सरकारी हवाई अड्डों के कर्मचारी भी अपना समर्थन देंगे। नई दिल्ली और मुम्बई के हवाई अड्डों पर हड़ताल का असर बहुत कम पड़ने की संभावना है, क्योंकि इनका पहले ही निजीकरण हो चुका है।
हवाई अड्डा कर्मचारियों के एक संगठन के प्रवक्ता ने बताया कि सरकार के साथ कल बातचीत विफल हो चुकी है और कर्मचारी आज आधी रात से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जा रहे हैं।
प्रस्तावित हड़ताल से निपटने के लिए भारतीय वायुसेना ने आज शाम पाँच बजे से करीब पाँच सौ वायु सैनिकों को सतर्क कर दिया।
वायुसेना के प्रवक्ता ने बताया कि देश के 21 हवाई अड्डों पर 479 वायुसैनिकों को एयर फील्ड स्टाफ ऑपरेशन संभालने के लिए मुस्तैद कर दिया गया है।
कर्मचारियों के प्रतिनिधियों के अनुसार 15 हजार से अधिक कर्मी हड़ताल पर जा रहे हैं जिनमें सामान संभालने वाले, सफाई करने वाले तथा विमान तल पर विभिन्न कामकाज संभालने वाले कर्मी शामिल हैं।
यह हड़ताल हैदराबाद और बेंगलुरू के हवाई अड्डों के निजीकरण के विरोध में की जा रही है और कर्मचारी यूनियनों का आरोप है कि इससे सैकड़ों लोगों को नौकरियों से हाथ धोना पड़ सकता है। सरकार इन शहरों के मौजूदा हवाई अड्डों को सिर्फ आपदा प्रबंधन की उड़ानों या राजनीतिक नेताओं के दौरे के समय की विशेष उड़ानों के लिए सुरक्षित करना चाहती है।
पुराने हवाई अड्डों को बंद कर निजी हवाई अड्डों को ही नागरिक उड़ानों के लिए रखने के सरकार के फैसले के खिलाफ विरोध की आवाज आज संसद में भी सुनाई दी। राज्यसभा में यह मामला माकपा के तपन सेन ने उठाया और सरकार के फैसले को साजिश भरा कदम करार दिया।
उन्होंने कहा कि सरकारी हवाई अड्डों को बंद कर निजी हवाई अड्डों को सभी लाभ देने का निर्णय प्रतिस्पर्धा के सिद्धांतों के खिलाफ है और यह कदम राष्ट्रहित में भी नहीं है।
वायुसेना के प्रवक्ता ने बताया कि जिन प्रमुख 21 हवाई अड्डों पर वायुसैनिक मुस्तैद किए गए हैं, उनमें कोलकाता, लखनऊ, खजुराहो, नागपुर और अमृतसर जैसे नागरिक हवाई अड्डे शामिल हैं।
हड़ताल की स्थिति में ये वायुसैनिक आपात अग्निशमन कार्यों, विमानों के निर्देशन तथा विमान तल पर विशेष वाहनों के संचालन जैसे काम संभालेंगे।
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