रक्षामंत्री एके एंटनी ने क्षेत्र में समुद्र से आतंकवादी हमलों के खतरे की आशंका व्यक्त करते हुए ऐसे हमलों से बचने के लिए व्यापक अंतरराष्ट्रीय चौकसी का आह्वान किया है। एंटनी ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री खोज एवं बचाव सम्मेलन 'इमसारकोन-2008' का उद्घाटन करते हुए कहा कि इस क्षेत्र में पहले से ही समुद्री डकैतों की समस्याएँ हैं। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में तटरक्षक दल और समुद्री बलों द्वारा लगातार चौकसी की आवश्यकता है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि इस दिशा में चीन सहित विभिन्न देशों के साथ सहयोग महत्वपूर्ण है। समुद्री सुरक्षा और खोज अभियानों में भारत तथा पाकिस्तान के मिलकर काम करने का जिक्र करते हुए एंटनी ने कहा कि दोनों देश अन्य मुद्दों पर मतभेद दूर करने का प्रयास करेंगे।
उन्होंने कहा कि भारत और पाकिस्तान आपस में समन्वय कर रहे हैं और समुद्री खोज एवं बचाव अभियानों में मिलकर काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा हमारे बारे में जो भी भ्रांतियाँ हैं, वे क्षेत्र से बाहर हैं। दो दिवसीय सम्मेलन में करीब 300 प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं। शामिल देशों में पाकिस्तान और चीन शामिल हैं।
रक्षामंत्री ने कहा कि विश्वास बहाल करने के उपायों और दोनों देशों द्वारा मछुआरों के लिए हॉटलाइन स्थापित करने के सकारात्मक नतीजे दिखने लगे हैं। यह पहला मौका है जब पाकिस्तान का कोई समुद्री प्रतिनिधिमंडल ऐसी किसी बैठक में शामिल हो रहा है। हाल ही में संपन्न हिंद महासागर संगोष्ठी में पाकिस्तानी नौसेना ने भाग नहीं लिया था। हालाँकि उसके उच्चायुक्त ने देश का प्रतिनिधित्व किया था। एंटनी ने तटरक्षक दल में लोगों की कमी की बात स्वीकार करते हुए कहा कि एजेंसी की सभी चुनौतियों पर जल्दी ही काबू पा लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि भारतीय तटरक्षक दल के खोज एवं बचाव संबंधी बुनियादी ढाँचे को मजबूत बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय कोसपास सारसैट कार्यक्रम के सदस्य के रूप में भारत ने दो स्थानीय टर्मिनल स्थापित किए हैं, जो लखनऊ और बेंगलुरू में हैं। एंटनी ने कहा कि पूर्ण स्वदेशी उपग्रह इनसैट-3 ए ग्लोब के दायरे में विश्व का एक तिहाई हिस्सा है।
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