इंडियन रेलवे मेंस फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष एम. राघवैया ने रेलमंत्री लालूप्रसाद पर कर्मचारियों के हितों की अनदेखी करने तथा रेलवे के निजीकरण के बारे में गलतबयानी करने का आरोप लगाते हुए इसके विरोध में राष्ट्रव्यापी हड़ताल की चेतावनी दी है।
नेशनल फेडरेशन ऑफ इंडियन रेलवे (एनएफआईआर) के सोमवार से यहाँ शुरू हुए तीन दिवसीय अधिवेशन में भाग लेने आए राघवैया ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि एक तरफ तो लालू रेलवे का निजीकरण नहीं करने की घोषणा करते हैं, लेकिन दूसरी ओर वे लगातार निजीकरण के ही प्रयास में जुटे हुए हैं।
उन्होंने कहा कि रेलवे में निजीकरण अलग-अलग ढंग से किया जा रहा है। कहीं आईआरसीटीसी बनाकर रेलवे की खानपान सेवाएँ निजी हाथों में सौंप दी गईं तो कहीं कोच फैक्ट्रियों को निजी हाथों को सौंप दिया गया है।
राघवैया ने कहा कि रेलवे में कार्यरत रनिंग कर्मचारी कार्य के घंटों तथा विश्राम की व्यवस्था को लेकर परेशान हैं, जबकि रेलवे को मुनाफे में लाने में रनिंग स्टॉफ ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इसके बाद भी रेल मंत्रालय द्वारा इनकी समस्याओं के निदान के लिए कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। आवश्यक सेवा में लगे रेलकर्मियों से वर्तमान में 12 घंटे काम लिया जा रहा है जबकि इनके कार्य घंटे छह से अधिक नहीं होने चाहिए।
राघवैया ने बताया कि रेलवे बोर्ड ने 23 फरवरी 2006 को एनएफआईआर के साथ चर्चा कर रेलकर्मियों की तमाम समस्याओं के समाधान के लिए मसौदा तैयार कर लिया था लेकिन दो वर्ष बीतने के बाद भी रनिंग स्टाफ के कार्य घंटे कम नहीं हुए और न ही रेलवे में पदों को समाप्त करने का सिलसिला बंद हुआ है।
उन्होंने चेतावनीभरे लहजे में कहा कि अगर इस दिशा में रेलवे बोर्ड द्वारा जल्द ही कुछ नहीं किया गया तो एनएफआईआर द्वारा संपूर्ण रेलवे में अप्रैल माह में चेतावनी रैली निकाली जाएगी। इसके बाद भी बात नहीं बनी तो हड़ताल करने से भी हम पीछे नहीं हटेंगे।
|