केंद्रीय जाँच ब्यूरो (सीबीआई) की एक विशेष अदालत ने यहाँ एक लेफ्टिनेंट कर्नल के खिलाफ आरोप तय किए।
सेना के एक अस्पताल के चिकित्सा विभाग में बतौर विभागाध्यक्ष लेफ्टिनेंट कर्नल जे. के. भगत पर आरोप है कि उन्होंने दवा आपूर्तिकर्ता के साथ साँठगाँठ की और 1.75 लाख रुपए मूल्य के जाली बिलपत्र अग्रेषित किए।
अदालत ने लेफ्टिनेंट कर्नल जेके भगत और दवा आपूर्तिकर्ता गगन खन्ना को प्रथम दृष्टया आरोपी माना। अदालत ने दोनों के खिलाफ धोखाधड़ी आपराधिक षडयंत्र और भ्रष्ट आचरण का मामला दर्ज करने का आदेश दिया।
गौरतलब है कि 28 अप्रैल वर्ष 2000 को रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों द्वारा दिल्ली कैंट स्थित सैन्य अस्पताल के औचक निरीक्षण के दौरान में यह मामला प्रकाश में आया था।
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