लोकसभा में विपक्ष के नेता एवं पूर्व उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी ने कहा है कि संसद एवं विधानसभाओं में महिलाओं को आरक्षण देने सम्बन्धी विधेयक को संसद के इसी सत्र में मंजूरी दी जानी चाहिए।
आडवाणी ने शनिवार को यहाँ महिला सशक्तिकरण दिवस पर आयोजित महिला सम्मेलन में कहा कि प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहनसिंह एवं कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी से उन्होंने कहा है कि संसद के इसी सत्र में महिलाओं को संसद एवं विधानसभाओं में आरक्षण के प्रावधान वाले विधेयक को मंजूरी दिलाई जाय। उन्होंने कहा कि इस विधेयक को एक अर्से से रोके रखने का कोई औचित्य नहीं है।
उन्होंने केन्द्र में सत्ता में रहते महिलाओं के उत्थान के लिए किए गए कार्यो एवं छत्तीसगढ़ समेत भाजपा शासित राज्यों में उनके विकास के लिए चलाई जा रही योजनाओं का जिक्र किया और कहा कि महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए हर संभव कदम उठाने के लिए उन्होंने पार्टी की सरकारों से कहा है।
आडवाणी ने देश में बढ़ती महँगाई का जिक्र करते हुए कहा कि पेट्रोल एवं डीजल की कीमतें राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार के समय में भी बढ़ी है पर उसने महँगाई पर पूरा नियंत्रण किया पर आम आदमी के साथ होने का वादा कर सत्ता में आई संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार के कार्यकाल में अनियंत्रित महँगाई से सबसे ज्यादा यहीं वर्ग त्रस्त है।
उन्होंने कहा कि महँगाई से 'आम औरते' सबसे ज्यादा त्रस्त है, क्योंकि उनके साथ विश्वासघात हुआ है। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ. रमनसिंह ने महिलाओं के विकास के लिए राज्य में शुरू किए गए कार्यक्रमों का उल्लेख करते हुए कहा कि तीन रुपए किलो चावल देने की उनकी योजना से सबसे ज्यादा खुश महिलाएँ है। उन्होंने कहा कि यह योजना सही ढ़ग से चले और इसका लाभ पात्र लोगों को मिले इसके लिए महिलाओं को महत्वपूर्ण प्रयास करना होगा।
उन्होंने महिलाओं से कहा कि चावल चोरी करने वालों के मुँह पर वह कालिक पोत दे। उन्होंने इसके साथ ही राज्य में पिछले चार वर्ष में महिलाओं के कल्याण से जुड़े कार्यक्रमों के बजट में 140 गुना वृद्वि करने का भी दावा किया।
कार्यक्रम में पूर्व केन्द्रीय मंत्री एवं सांसद रमेश बैस, भाजपा के राज्य प्रभारी एवं सांसद धमेन्द्र प्रधान.भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष करूणा शुक्ला के अलावा राज्य मंत्रिमंडल के वरिष्ठ सदस्य बृजमोहन अग्रवाल अमर अग्रवाल समेत अन्य सदस्य मौजूद थे।
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