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महिलाओं को सम्मान मिले-सोनिया
संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) की अध्यक्ष सोनिया गाँधी ने कहा है कि महिलाएँ जिनती सच्ची और गहरी भावना से काम करती है। उनको उसी के अनुरूप सम्मान भी मिलना चाहिए।

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर आज यहाँ 15 विशिष्ट महिलाओं को पुरस्कार देने के लिए आयोजित एक समारोह में श्रीमती गाँधी ने कहा कि मैं ऐसे समाज की कल्पना करती हूँ, जिसमें कन्या भ्रूण हत्या नहीं होगी, देहज की वजह से एक भी बेटी की जान नहीं जाएगी और जहाँ एक भी बच्चा अशिक्षित नहीं होगा।

उन्होंने कहा कि हम सिर्फ अपने लिए नहीं अपने परिवार, बच्चों अपने समाज और देश के लिए है। उन्होंने इन महिलाओं को 'स्त्री शक्ति' पुरस्कार प्रदान करते हुए कहा कि इन्होंने तमाम मुश्किलों और बाधाओं के बावजूद अपना काम जारी रख और कामयाब हुई। इससे देश की लाखों महिलाओं को प्रेरणा मिलती है और उनका हौसला बुलंद होता है।

श्रीमती गाँधी ने कहा कि हमें सामाजिक बुराइयों से लड़ना है और उन्हें दूर करना है। कन्या, भ्रूण हत्या का पाप हर कीमत पर समाज से खत्म होना चाहिए। महिलाओं को भी समझना चाहिए कि बेटा ओर बेटी दोनों बराबर हैं। जरूरत इस बात की है कि हम हर संतान को स्वस्थ, शिक्षित, समर्थ, और योग्य बनाएँ।

उन्होंने कहा कि मैं अक्सर कहती हूँ और अपने अनुभव के जरिए आप खुद भी जानते है कि हर मुसीबत का असर सबसे पहले महिलाओं पर पड़ता है। इस मौके पर प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहनसिंह की पत्नी श्रीमती गुरशरण कौर ने एक पुस्तक विमेन 24 सेक्योर का विमोचन भी किया गया।

महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती रेणुका चौधरी ने इस मौके पर बताया कि कन्या भ्रूण हत्या के चलते दस लाख बच्चियाँ माँ के गर्भ में ही मार डाली जाती हैं, इस कार्यक्रम का आयोजन उनके मंत्रालय ने किया था।
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