संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन की अध्यक्ष सोनिया गाँधी ने सरकार द्वारा किसानों को 60 हजार करोड़ रुपए की कर्ज माफी को जायज ठहराते हुए इसे महिलाओं के हित में उठाया गया कदम बताया और कहा कि इससे किसानों में आत्मविश्वास बढ़ेगा।
सोनिया गाँधी शनिवार को यहाँ 'अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस' पर आयोजित एक समारोह में 15 महिलाओं को 'श्रम शक्ति पुरस्कार' प्रदान कर रही थीं। उन्होंने कहा कि किसी भी संकट में सबसे अधिक महिलाएँ ही प्रभावित होती हैं। उदाहरण के लिए जब किसान आत्महत्या करते हैं तो वे इस कदम से केवल अपना जीवन ही समाप्त नहीं करते इससे उनकी पत्नी और बच्चे भी प्रभावित होते हैं।
सोनिया ने कहा कि संप्रग ने अपने नए बजट में किसानों को 60 हजार करोड़ रुपए की कर्ज माफी की घोषणा की है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि सरकार के इस फैसले से करीबन 4 करोड़ किसानों को राहत मिलेगी उनमें आत्मविश्वास बढ़ेगा और वह सुख-सुकून का जीवन व्यतीत कर सकेंगे। उन्होंने महिलाओं के हित में सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की चर्चा करते हुए कहा कि आयकर में छूट दी गई और उनसे संबंधित कानूनों में सुधार किया गया। सरकार द्वारा बनाए जा रहे स्वयं सहायता समूह और माइक्रो फाइनेंस योजना से ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्र की महिलाओं को बहुत लाभ मिल रहा है, उनमें आत्मविश्वास बढ़ रहा है और वे आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रही हैं। यह योजनाएँ पूरे देश में लागू की जा रही हैं।
राजीव ने बनाया महिलाओं को आत्मनिर्भर : सोनिया ने कहा कि राजीव गाँधी ने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और बराबर का दर्जा देने के लिए पंचायतराज व्यवस्था की शुरुआत की थी और उन्हें इस बात का गर्व है कि आज बड़ी संख्या में महिलाएँ पंचायतों में चुनी जा रही हैं तथा जमीनी स्तर पर फैसला लेने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाकर वे आज राजीव के सपनों को साकार कर रही हैं। सोनिया गाँधी ने कहा कि कन्या भ्रूण हत्या एक सामाजिक अपराध है और इसे रोकने के हर संभव प्रयास किए जाने चाहिए। समाज में बेटा-बेटी को समान दर्जा मिलना चाहिए। आज सबसे बड़ी आवश्यकता बच्चों को प्यार देने तथा शिक्षित स्वस्थ और समर्थ बनाने की है। सोनिया गाँधी ने बच्चों की देखभाल में आँगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि वे बच्चों की देखभाल करके इस पवित्र कार्य में बहुत बड़ा योगदान दे रही हैं। उन्होंने कहा कि आज 15 महिलाओं को मुश्किल के समय में भी अच्छे कार्यों के लिए आज स्त्री श्रम शक्ति पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। निश्चित रूप से देश की अन्य महिलाओं को इससे प्रेरणा मिलेगी और आगे बढ़ने के उनके हौसले बुलंद होंगे। समारोह में प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहनसिंह की पत्नी गुरुशरण कौर मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं।
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