ब्रिटेन के लीसेस्टर शहर में महात्मा गाँधी की प्रतिमा लगने में खलल पड़ता दिखाई दे रहा है क्योंकि शहर के कुछ लोग वहाँ पर भारत के राष्ट्रपिता की जगह स्थानीय नायक और फुटबॉल खिलाड़ी गैरी लिनेकर की प्रतिमा लगाना चाहते हैं।
लीसेस्टर में एशियाई मूल की आबादी की बहुतायत है और माना जा रहा है कि पिछले 12 साल में इस शहर में श्वेत आबादी अल्पसंख्यक हो गई है।
गाँधी की प्रतिमा लगाने की योजना बना रही संस्था समन्वय परिवार को उम्मीद है कि लीसेस्टर की नगर परिषद उसके आवेदन को स्वीकार कर लेगी।
संस्था के महासचिव जितेंद्र आचार्य ने कहा कि वह इस परियोजना पर 20 हजार पाउंड तक खर्च करेगी और इस प्रस्ताव को समुदाय का भारी समर्थन प्राप्त है।
इधर गाँधी की प्रतिमा के विरोध में 'गाँधी की प्रतिमा नहीं' ऑनलाइन अभियान चलाने वाले ली इंगराम का कहना है कि गाँधी के अलावा भी कई स्थानीय व्यक्ति हैं, जो यह सम्मान पाने का हक रखते हैं।
इंगराम ने कहा कि गाँधी भारत से संबंधित ऐतिहासिक व्यक्तित्व हैं। उनका अँगरेजी संस्कृति या अँग्रेजी से कोई संबंध नहीं है, इसलिए भारत में प्रतिमा लगाना अधिक उपयुक्त होगा। हमारे पास लिनेकर या लेखक जो आर्टन जैसे स्थानीय नायक हैं।
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