संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन की प्रमुख सोनिया गाँधी के महिमामंडन को लेकर राज्यसभा में मंगलवार को काफी देर तक नोकझोंक हुई। श्रीमती गाँधी का गुणगान किए जाने से भाजपा के एतराज पर कांग्रेस सदस्य उखड़ गए तथा कुछ देर सदन में शोरगुल की स्थिति पैदा हो गई।
नोंकझोंक उस समय शुरू हुई जब राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा में कांग्रेस के आरके धवन हिस्सा ले रहे थे। उन्होंने सरकार की कई नीतियों का श्रेय जब श्रीमती गाँधी को दिया। इस पर भाजपा के अरुण जेटली ने यह कहकर चिढ़ा दिया कि चर्चा राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल के भाषण पर हो रही है, श्रीमती गाँधी पर नहीं।
उपसभापति के. रहमान खान ने उस समय जेटली को चुप करा दिया, लेकिन अभिभाषण पर चर्चा शुरू करने का अपना अवसर आते ही उन्होंने फिर वही प्रकरण छेड़ दिया। जेटली ने सफाई देते हुए कहा कि मैं जब किसी व्यक्ति विशेष के गुणगान का विरोध कर रहा था तो उसका मलतब निजी पसंद-नापसंद से नहीं था।
कांग्रेस के सदस्य इससे एक बार फिर उखड़ गए। सत्तापक्ष की ओर से नारायण सामी जोर-जोर से बोलने लगे, जबकि जनार्दन द्विवेदी की त्योरियाँ तनी हुई दिखाई दीं।
जेटली ने इसकी परवाह किए बिना कहा कि भारत एक गणराज्य है और इसमें व्यक्ति विशेष के महिमामंडन और 'उप नाम के करिश्मे' के गुणगान की कोई जगह नहीं है। उन्होंने अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव के लिए डेमोक्रेट प्रत्याशी हिलेरी क्लिंटन की ओर इशारा करते हुए कहा कि अमेरिका में आने वाले 24 घंटे में उपनाम की महिमा का महत्व खत्म होने की उम्मीद है और मैं आशा करता हूँ बहुत जल्दी ही भारत में भी ऐसा ही होगा।
|