देश के विभिन्न इलाकों में अब तक दस हजार 185 किसान आत्महत्या कर चुके हैं। इनमें से तीन हजार 822 महाराष्ट्र में विदर्भ के थे, जहाँ जनवरी 2008 में भी 72 किसानों ने आत्महत्या की।
कृषि राज्यमंत्री कांतिलाल भूरिया ने सोमवार को लोकसभा में एक सवाल के लिखित जवाब में ये जानकारी दी। ये आँकड़े आमतौर पर वर्ष 2004 से लगभग जून 2007 तक के हैं।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2007 में 30 जून तक आंध्रप्रदेश में 142 किसानों ने आत्महत्या की, जबकि इसी वर्ष 31 अक्टूबर तक केरल में 64 किसानों ने आत्महत्या की। वर्ष 2001 से 2006 तक केरल में कुल 841 किसानों ने आत्महत्या की।
महाराष्ट्र में वर्ष 2007 में 1985 (विदर्भ 1230), 2006 में 2355 (विदर्भ 1448), 2005 में 595 (विदर्भ 431) और 2004 में 632 (विदर्भ 444) किसानों ने आत्महत्या की। पंजाब में 2004 में 11, 2005 में 6 और 2006 में तीन किसानों ने आत्महत्या की। कर्नाटक में 2004 से 2007 तक 787(दस जुलाई तक) और गुजरात में 2004, 2005 में 2006 में कुल 381 किसानों ने आत्महत्या की।
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