कांग्रेस और सत्तारूढ़ संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) की अध्यक्ष सोनिया गाँधी ने पिछले सप्ताह संसद की कार्यवाही सुचारू रूप से नहीं चल पाने पर चिंता जताते हुए विपक्ष को बजट सत्र को गंभीरता से लेने की सलाह दी है।
श्रीमती गाँधी ने पार्टी कार्यकर्ताओं के नाम पत्र में उम्मीद जताई है कि सभी पार्टियाँ और सांसद, संसद के बजट सत्र को गंभीरता से लेंगे क्योंकि इस सत्र के दौरान हम अपने देश के भविष्य के लिए जरूरी प्राथमिकताओं और योजनाओं पर विचार-विमर्श करेंगे।
उन्होंने कहा कि विचार-विमर्श और आम सहमति ही जीवंत लोकतंत्र का प्रतीक है न कि मौकापरस्त राजनीति पर आधारित अड़ंगेबाजी और कार्य स्थगन। यह पत्र पार्टी के मुखपत्र कांग्रेस संदेश के ताजा अंक में प्रकाशित हुआ है।
उन्होंने कहा कि कुछ ऐसे मुद्दे हैं जिन पर हमें दलगत राजनीति से ऊपर उठकर सर्वदलीय आम सहमति और एजेंडा बनाना चाहिए। जन कल्याण कांग्रेस के एजेंडे में हमेशा सबसे ऊपर रहा है।
उल्लेखनीय है कि किसान मुद्दे को लेकर विपक्ष ने बजट सत्र के पहले दिन से ही संसद में जबरदस्त हंगामा किया, जिसके चलते पिछले सप्ताह रेल और आम बजट पेश होने के अलावा दोनों सदनो में और कोई कामकाज नहीं हो सका।
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