मुंबई में उत्तर भारतीयों पर हो रहे हमलों को लेकर जहाँ काफी विवाद खड़ा हो गया है वहीं कांग्रेस ने राज ठाकरे के संकुचित क्षेत्रवाद पर अफसोस व्यक्त करते हुए कहा कि वे (राज ठाकरे) दिल से राष्ट्र विरोधी है। पार्टी ने अपनी पत्रिका 'कांग्रेस संदेश' के ताजा अंक में कहा कि ठाकरे और उनकी महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना ने हाल में मुंबई में जो अशांति पैदा की है वह निंदनीय है और यह अशांति भी देश के ऐसे शहर मुंबई में पैदा की जा रही है, जहाँ सभी क्षेत्रों और जातियों के लोग रहते हैं। पत्रिका ने अपने संपादकीय में लिखा है कि पार्टी ने मुंबईवासियों से अपील की है कि वे ठाकरे द्वारा फैलाई जा रही नफरत की संस्कृति को अस्वीकार कर दें। उन्होंने कहा कि ठाकरे का 'मुंबई केवल महाराष्ट्रीयों के लिए' अभियान केवल असंवैधानिक ही नहीं बल्कि देश की अखंडता के लिए भी नुकसानदेह है। भारतीय संविधान में देश के प्रत्येक नागरिक को देश में एक स्थान से दूसरे स्थान पर आने जाने की आजादी प्रदान की गई है, जो हमारी लोकतंत्रवादी और देश की विविधता की पहिचान है।
संपादकीय में कहा गया है कि देश के बड़े महानगरों में उनकी विविधता झलकती है, जहाँ पर सभी धर्मों के लोग रहते हैं। दिल्ली इसका सबसे बड़ा उदाहरण है जो मुंबई की तरह देश के प्रत्येक नागरिक का घर है।
|