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संप्रग में अब श्रेय लेने की होड़
विपक्ष ने आम बजट में किसानों के लिए ऋण माफी तथा अन्य घोषणाओं को जहाँ सत्तारूढ़ गठबंधन का चुनावी घोषाण-पत्र करार दिया है, वहीं इसका श्रेय लेने के लिए घटक दलों में वस्तुत: होड़-सी लग गई है।

वित्तमंत्री पी चिंदबरम द्वारा शुक्रवार को अपने बजट प्रस्ताव के पेश करने के चंद घंटे बाद हजारों किसान कांग्रेस और संप्रग अध्यक्ष सोनिया गाँधी के निवास पर उन्हें धन्यवाद देने पहुँच गए।

सोनिया गाँधी के 10 जनपथ निवास के बाहर आज भी जश्न का माहौल है। उधर कुछ अखबारों ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के एक पन्ने का विज्ञापन छापा है जिसमें कहा गया है कि ऋण माफी से एक वायदा पूरा हो गया है।

विज्ञापन में यह भी कहा गया है कि पार्टी अध्यक्ष शरद पवार को हर वक्त किसानों के हितों की चिंता रहती है। उन्होंने ही 1978 में महारष्ट्र में कांग्रेस से अलग होने के बाद पीडीएफ की सरकार के समय पहली बार ऋण माफी की घोषणा की थी।

हालाँकि विज्ञापन में सोनिया गाँधी और प्रधानमंत्री मनमोहनसिंह के भी चित्र हैं और संप्रग सरकार के प्रति ऋण माफी के लिए आभार भी प्रकट किया गया है।

लालू प्रसाद के नेतृत्व वाले राजद ने कहा है कि आगे आने वाले दिनों में कल का बजट संप्रग के एक प्रकाश स्तंभ का काम करेगा। पार्टी ने यह भी कहा कि इस बजट के लिए श्रेय सोनिया, पवार और लालू को मिलना चाहिए क्योंकि लालू ने ही अपने रेल बजट में सभी को खुश कर संप्रग की आगे की यात्रा तय कर दी थी।

राजद सांसद विजय कृष्णा ने चुनावी बजट के विपक्ष के आरोप पर चुटकी लेते हुए कहा कि चुनाव के पहले अगर कुछ अच्छा होता है तो इसमें क्या बुराई है।

उन्होंने यह भी कहा कि बजट ने यह भी सिद्ध कर दिया है कि एक पार्टी की सरकार के मुकाबले गठबंधन सरकार शायद बेहतर काम कर सकती है।

राकांपा के डीपी त्रिपाठी ने कहा कि बजट ने शरद पवार के उस वायदे को पूरा कर दिया है जिसके तहत गरीब और सीमांत किसानों को ऋण माफी मिलनी थी।

उन्होंने कहा कि कोई भी एक दल बजट के लिए श्रेय नहीं ले सकता है क्योंकि यह संप्रग का बजट है जिस पर वाम दलों की भी कुछ छाप है।

कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक सिंघवी ने कहा कि बजट के लिए श्रेय लेने की बात उन्हें हास्यपद लगती है। उन्होंने कहा कि लोग सब जानते हैं। सिंघवी ने कहा कि बजट के लिए श्रेय केवल संप्रग सरकार को ही जाना चाहिए।

पिछले कुछ दिनों से विपक्ष संसद में कामकाज नहीं चलने दे रहा था और वह माँग कर रहा था कि किसानों के लिए ऋण माफी की घोषणा की जाए। कांग्रेस का कहना था कि विपक्ष की मंशा है कि उसे बजट में संभावित अच्छे कदमों का श्रेय मिले।
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