उच्चतम न्यायालय ने वर्ष 1993 में मुंबई में हुए श्रृंखलाबद्ध बम विस्फोट मामले के एक दोषी यूसुफ अब्दुल रजाक मेमन को शुक्रवार को अंतरिम जमानत दे दी। यूसुफ को टाडा अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई थी।
प्रधान न्यायमूर्ति केजी बालकृष्णन की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष सीबीआई ने यूसुफ की मेडिकल रिपोर्ट पेश की थी। पीठ ने इस रिपोर्ट के अध्ययन के बाद आदेश दिया कि यूसुफ को 14 जुलाई तक जमानत पर रिहा किया जाए।
न्यायालय ने कहा कि वह यूसुफ की जमानत अवधि को आगे बढ़ाने से पहले इसकी समीक्षा करेगा। यूसुफ की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता हरीश साल्वे ने दलील दी कि उनका मुवक्किल शिजोफ्रेनिया से पीड़ित है और मेडिकल रिपोर्ट से इसकी पुष्टि होती है।
उन्होंने कहा कि उनके मुवक्किल को अनुकूल माहौल की जरूरत है, जो उसे जेल में नहीं मिल सकता।
|