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पेट्रोल मूल्यवृद्धि के खिलाफ प्रदर्शन
वामदलों ने शनिवार को यहाँ पर पेट्रोल और डीजल की कीमतों में वृद्धि के खिलाफ प्रदर्शन किया और माँग की कि इसे वापस लिया जाए।

भाकपा, माकपा और आरएसपी के कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री मनमोहनसिंह और वित्तमंत्री पी. चिदंबरम के खिलाफ लोगों पर पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतें बढ़ाकर पर बोझ डालने के लिए नारेबाजी की।

इस अवसर पर माकपा नेता नीलोत्पाल बसु ने कहा कि इस वक्त पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतें बढ़ाने की जरा भी जरूरत नहीं थी और वामदल अपने प्रदर्शन तब तक जारी रखेंगे जब तक इसे वापस नहीं लिया जाता। बसु ने कहा कि उत्पाद और सीमा शुल्क में कमी करके सरकार कीमतों में इस वृद्धि से बच सकती थी लेकिन उसने ऐसा नहीं किया।

उन्होंने यह भी कहा कि सरकार ने कीमतों में वृद्धि यह कह कर की है कि कच्चे तेल के दाम अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ रहे हैं पर इससे मुद्रास्फीति बढ़ेगी और इसका असर आम आदमी पर सीधा पड़ेगा।

माकपा नेता ने कहा कि पिछले चार साल में पेट्रोल की कीमत 9.93 रुपए, डीजल के दाम 8.23 रुपए से और गैस सिलेण्डर के 40 रुपए बढ़े हैं। बसु ने कहा कि सरकार कीमतों में वृद्धि से तेल उद्योग विकास कोष में पड़े पैसे का इस्तेमाल करके भी बच सकती थी।

उन्होंने ने कहा कि संघर्ष के जरिए ही हम लोग सरकार को इस मामले में होश में लाया जा सकता है। माकपा नेता ने कहा कि समान सोच रखने वाले राजनैतिक दलों के साथ मिलकर कीमतों में इस वृद्धि के खिलाफ विरोध आयोजित कर सकती है।
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