महर्षि महेश योगी का सोमवार को यहाँ राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार कर दिया गया और विश्व भर से आए उनके अनुयायियों की मौजूदगी में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच उनके भतीजे ने चिता को अग्नि दी। महर्षि का हॉलैंड में निधन हो गया था और नौ फरवरी को उनका पार्थिक शरीर यहाँ लाया गया। पार्थिव शरीर को आज एक भव्य जुलूस की शक्ल में आश्रम से लाकर गंगा, यमुना तथा सरस्वती के पावन संगम पर उनका अंतिम संस्कार किया गया। इस मौके पर केंद्रीय मंत्री सुबोध कांत सहाय, विहिप प्रमुख अशोक सिंघल, आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक रविशंकर तथा कई अन्य गणमान्य लोग मौजूद थे। इसके अलावा महर्षि के हजारों अनुयायी भी उन्हें भावभीनी विदाई देने वालों में शामिल थे। महर्षि के भतीजे और उनके द्वारा स्थापित संस्थानों के प्रभारी स्वामी गिरीशचंद्र वर्मा ने चिता को अग्नि दी। अंतिम संस्कार समारोह में स्थानीय लोगों के अलावा माघ मेला में शामिल होने के लिए आए श्रद्धालु भी भारी संख्या में मौजूद रहे। महर्षि के अनुयायियों में प्रसिद्ध रॉक बैंड बीटल्स शामिल है।
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