नए ब्रिटिश आव्रजन नियमों पर ब्रिटेन स्थित भारतीय डॉक्टरों में फैली चिंताओं के बीच ब्रिटिश सरकार का कहना है कि उसके नए कदम का कोई व्यापक प्रभाव नहीं पड़ेगा और इसका लक्ष्य मुख्य रूप से प्रक्रिया को आसान एवं पारदर्शी बनाना है।
ब्रिटिश उच्चायुक्त रिचर्ड स्टैग से जब यहाँ प्वाइंट आधारित नियमों के प्रभाव के बारे में पूछा गया तो उन्होंने बताया कि इस प्रणाली का कोई व्यापक प्रभाव नहीं पड़ने जा रहा है। स्टैग ने कहा हमारे रुख में किसी तरह का मूलभूत परिवर्तन नहीं आया है। मौजूदा प्रक्रिया में बस यह एक तब्दीली होगी।
दो दिन पहले ब्रिटिश गृह मंत्रालय ने घोषणा की थी कि ब्रिटेन में अभी कार्यरत कोई उच्च कौशल प्राप्त विदेशी नागरिक अपने प्रवास में विस्तार चाहता है तो उसे नई प्रणाली के तहत आवदेन करना होगा। नई प्रणाली 29 फरवरी से प्रभावी होगी।
ब्रिटिश गृह मंत्रालय की इस घोषणा पर प्रतिक्रिया करते हुए ब्रिटेन के भारतीय डॉक्टरों ने कहा कि नए नियम के तहत विदेशों से आने वाले डॉक्टरों को स्नातकोत्तर प्रशिक्षण पाना कठिन हो जाएगा।
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