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भारत ने चीन के विरोध का जवाब दिया
मनमोहन की अरुणाचल यात्रा पर चीन का विरोध
चीन ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के हाल के अरुणाचल दौरे के खिलाफ भारत से अपना विरोध जताया है, लेकिन भारत ने इस पर तुरन्त कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि अरुणाचल प्रदेश भारत का अभिन्न भाग है और प्रधानमंत्री देश में किसी भी स्थान पर जा सकते हैं।

सूत्रों ने बताया कि चीनी अधिकारियों ने पेइचिंग में भारत से अपना विरोध दर्ज कराया है और उनके सामने भारत की स्थिति स्पष्ट कर दी गई है।

विदेश मंत्री प्रणब मुखर्जी ने मुम्बई में कहा कि अरुणाचल पर चीन की स्थिति से भारत अवगत है और चीन भी इस पर भारत के रुख को जानता है।

उन्होंने कहा कि अरुणाचल भारत का अभिन्न अंग है। हमारा संसद में राज्य के लोगों द्वारा निर्वाचित नियमित प्रतिनिधित्व है। प्रधानमंत्री देश के किसी भी भाग में दौरा कर सकते हैं।

प्रधानमंत्री ने चीन की यात्रा के तुरन्त बाद 31 जनवरी को अरुणाचल प्रदेश का दौरा किया था। वे एक दशक में इस राज्य का दौरा करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री बन गए हैं। इस दौरे में एक जनसभा में डॉ. सिंह ने कहा था भारत में सूर्य सबसे पहले अरुणाचल प्रदेश में अपनी रश्मियाँ बिखेरता है। यह हमारी उगते सूर्य की धरा है।

मुझे उम्मीद है कि सूर्य की तरह अरुणाचल प्रदेश नए सितारे के रूप में पूर्व से उदित होगा और हमारे देश के सबसे अच्छे क्षेत्रों में से एक बनेगा। प्रधानमंत्री की इन टिप्पणियों से चीन काफी निराश हुआ था।
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