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तसलीमा मामले में गृह मंत्रालय को नोटिस
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने बांग्लादेशी लेखिका तसलीमा नसरीन की स्थिति के बारे में दाखिल एक शिकायत पर कार्रवाई करते हुए गृह मंत्रालय और दिल्ली पुलिस के प्रमुख को नोटिस जारी कर उनका जबाव माँगा है।

मानवाधिकार आयोग ने दिल्ली पुलिस आयुक्त और गृह मंत्रालय के सचिव को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर तसलीमा के संबंध में उनकी स्थिति बताने को कहा है।

विज्ञप्ति के मुताबिक आयोग ने यह कदम लेखकों के एक समूह द्वारा दाखिल उस शिकायत के बाद उठाया है जिसमें कहा गया था कि तसलीमा को लगभग नजरबंद कर दिया गया है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि वह सिवाय सरकारी अधिकारियों के किसी अन्य के साथ बातचीत भी नहीं कर सकती।

शिकायतकर्ताओं ने कहा है कि लेखिका को अपनी जान और स्वतंत्रता की रक्षा का अधिकार है और उनके साथ ऐसा बर्ताव करने का कोई आधार नहीं है। आयोग ने शिकायत देखने के बाद कहा है कि अगर ये आरोप सही हैं तो इनसे गंभीर रूप से मानवाधिकारों का उल्लंघन होता है।

तसलीमा को उम्मीद : वीजा की मौजूदा अवधि खत्म होने के महज आठ दिन शेष रहने के कारण चिंतित बांग्लादेश की विवादास्पद लेखिका तसलीमा नसरीन ने उम्मीद व्यक्त की है कि भारत उनसे मुँह नहीं मोड़ेगा तथा उनके प्रवास के लिए इसकी समय सीमा को आगे बढ़ा देगा।

उन्होंने कहा कि यदि भारत ने मुँह मोड़ लिया तो मेरे पास जाने के लिए कोई जगह नहीं जीवनयापन का कोई साधन नहीं है। फिर भी यदि ऐसा होता है तो भी मेरा अभी तक यह मानना है मेरा अभी तक यह स्वप्न है कि एक ईमानदार सच्चे और धर्मनिरपेक्ष लेखक के लिए भारत सबसे अधिक सुरक्षित शरणस्थल है एकमात्र शरणस्थल।
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