उच्चतम न्यायालय ने उम्रकैद की सजा पाए उन बंदियों की रिहाई पर अपनी रोक बढ़ा दी जिनकी सजा माफ करने का आंध्रप्रदेश सरकार ने फैसला किया है।
उच्चतम न्यायालय ने सजा माफ करने और 15 अगस्त, 2007 को 1500 बंदियों को रिहा करने के आंध्रप्रदेश के फैसले पर अपनी नाराजगी जताई। जिन बंदियों को सजा माफी के आधार पर रिहा किया जाना था वे विभिन्न अपराधों के लिए उम्रकैद तक की सजा काट रहे हैं।
इससे पहले अदालत ने उन तमाम श्रेणियों के बंदियों की रिहाई पर स्थगन लगा दिया था जिन्हें राज्य सरकार ने माफ करने का फैसला किया था।
प्रधान न्यायाधीश केजी बालाकृष्णन की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि वह बंदियों को एकमुश्त सजा माफी देने के राज्य सरकार के फैसले की समीक्षा करेगी।
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