केन्द्रीय मंत्रिमंडल की गुरुवार को हुई बैठक में महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के नेता राज ठाकरे द्वारा उत्तर भारतीयों के विरुद्ध की गई कथित टिप्पणियों और उसके चलते मुंबई में हुई हिंसक घटनाओं का मामला उठा।
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक के बाद केन्द्रीय मंत्री रामविलास पासवान ने संवाददाताओं को बताया कि काबिना के कई सदस्यों ने यह मामला उठाया। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर कैबिनेट की बैठक में चर्चा हुई।
उन्होंने बताया कि रेलमंत्री लालूप्रसाद और उन सहित उत्तर भारत के कई मंत्रियों ने ठाकरे के बयान और उसके बाद मुंबई में हुई वारदात पर गहरी चिंता जताई।
पासवान ने कहा कि पहले पहल उन्होंने दक्षिण भारतीयों को निशाना बनाया। उसके बाद गुजरातियों को फिर गैर मराठियों को और अब उत्तर भारतीयों को बना रहे हैं। उन्होंने कहा यह देश की एकता और अखंडता के लिए खतरे की घंटी है। पासवान ने बताया कि लालूप्रसाद ने भी मामले को जोरशोर से उठाया।
उन्होंने कहा कि हमने प्रधानमंत्री से आग्रह किया कि वे राज ठाकरे और उनकी पार्टी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें। लोजपा नेता के अनुसार प्रधानमंत्री और गृहमंत्री दोनों ने आश्वासन दिया कि सरकार पूरे मामले को गंभीरता से ले रही है और केन्द्र राज्य सरकार को पहले ही आगाह कर चुका है कि उत्तर भारतीयों के विरुद्ध हिंसा में लिप्त लोगों पर वह कड़ी कार्रवाई करे।
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