भाजपा ने आरोप लगाया कि उसके राजनीतिक और वैचारिक प्रतिद्वंदियों को उन भारत विरोधी विदेशी ताकतों का संरक्षण मिला हुआ है, जो देश को बँटा हुआ देखना चाहती हैं और इसके लिए वे कांग्रेस से कोई भी घातक कदम उठवाने को आतुर हैं।
भाजपा और राजग के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार लालकृष्ण आडवाणी ने मंगलवार को पार्टी की दो दिवसीय राष्ट्रीय परिषद के समापन भाषण में यह आरोप लगाया। आडवाणी ने कहा वे हठधर्मी और पूरी तरह से मोर्चाबंद हैं और उनमें से कुछ लोगों को ऐसी विदेशी ताकतों से संरक्षण मिला हुआ है जो भारत विरोधी हैं और भारतीय समाज को बँटा हुआ देखना चाहती हैं।
उन्होंने कहा कि गुजरात की विजय का जश्न मनाते हुए हमें यह नहीं सोचना चाहिए कि हमारे राजनीतिक और वैचारिक प्रतिद्वंदी अपनी गलतियों को स्वीकार कर अपने तौर तरीकों में बदलाव लाएँगे।
उन्होंने इन राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों को कथित रूप से संरक्षण देने वाली ताकतों के बारे में कहा कि वे जानते हैं कि आज की कांग्रेस पार्टी इस हद तक कमजोर है कि इसे भारत की सशस्त्र सेनाओं में सांप्रदायिक आधार पर जनगणना, धर्म पर आधारित आरक्षण तथा हिन्दू धर्म को बदनाम करके बड़े पैमाने पर धर्म परिवर्तन की अनुमति जैसे घातक कदम उठाने पर भी रजामंद किया जा सकता है।
आडवाणी ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी के विदेशी मूल के मुद्दे को लोकसभा चुनाव में उछालने का आभास देते हुए कहा कि भारत में कुछ दल विदेशों में जन्मी विचारधाराओं और विदेशों में जन्मे नेतृत्व से संचालित होना चाहते हैं।
उन्होंने विदेशों में जन्मी विचारधाराओं और विदेशों में जन्मे नेतृत्व पर प्रहार जारी रखते हुए कहा कि इनके द्वारा संचालित दल भारत की सांस्कृतिक सभ्यतात्मक धरोहर को कितना सम्मान देते हैं इसका शर्मनाक संकेत रामसेतु मुद्दे पर अपनाए गए उनके रुख से मिलता है, जब उन्होंने भगवान राम के अस्तित्व को ही मानने से इनकार कर दिया।
भाजपा नेता ने कहा कि उन्होंने गुजरात में भाजपा और नरेन्द्र भाई को बदनाम किया और अब भी वे यही कर रहे हैं। इसलिए इस बात से हमें चौकन्ना रहना चाहिए कि यह भारत विरोधी ताकतें जो धर्मनिरपेक्षता का रक्षात्मक मुखौटा पहने हुए हैं आने वाले दिनों में अधिक सक्रिय होकर और घिनौना रूप धारण कर सकती हैं।
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