राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल ने बुधवार को वैश्वीकरण के चलते विश्व भर में बढ़ती खुशहाली के साथ ही अमीर और गरीब के बीच चौड़ी होती खाई पर गहरी चिंता जताते हुए प्रवासी भारतीयों को भारत में निवेश करने का न्योता दिया।
उन्होंने विश्व और भारत से सबके विकास का दृष्टिकोण अपनाकर इस खाई को पाटने की जरूरत पर भी बल दिया। राष्ट्रपति ने यहाँ आयोजित दो दिवसीय छठे प्रवासी दिवस समारोह के समापन भाषण में कहा कि इस खाई को पाटने के लिए अधिक से अधिक लोगों को ज्यादा से ज्यादा लाभ दिलाने की दिशा में कदम उठाने की सख्त और शीघ्र जरूरत है।
प्रतिभा पाटिल ने विश्व भर में बसे भारतीय मूल के लोगों से भारत में इस खाई को पाटने के लिए सामाजिक विकास में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने प्रवासी भारतीयों को भारत के विकास में भागीदार बनने के लिए सबसे पहले प्रवासी भारतीय नागरिकता योजना को अपनाने की सलाह दी जिससे वे ताउम्र भारत का वीजा हासिल कर सकें और जब चाहें तब अपने पुरखों के देश आ सकें। राष्ट्रपति ने कहा कि यह सुविधा प्राप्त करने से प्रवासी भारतीयों को भारत में कभी भी रहने और काम करने का अधिकार मिलेगा। उन्होंने भारत के विकास में योगदान के लिए प्रवासी भारतीयों को नवगठित प्रवासी भारतीय सुविधा केन्द्र का लाभ उठाकर भारत में निवेश करने का न्योता दिया।
प्रतिभा ने कहा कि शीघ्र गठित होने वाले भारत विकास प्रतिष्ठान से प्रवासी भारतीयों को भारत में महिलाओं के सशक्तिकरण और ग्रामीण भारत के विकास जैसे सामाजिक उत्थान में सहयोग करने का विश्वसनीय साधन मिलेगा।
राष्ट्रपति ने कहा समय आ गया है कि भारत और विश्व भर में बसे उसके लोगों के बीच मजबूत और सतत भागीदारी स्थापित की जाए। मुझे कोई संदेह नहीं कि हम साथ मिलकर नियति से मिलन करेंगे।
प्रतिभा ने कृषि की धीमी वृद्धि दर को चिंता की बात बताई क्योंकि देश की आधी से अधिक आबादी सीधे इसी क्षेत्र पर निर्भर है। कृषि की धीमी वृद्धि दर विकास से सभी को लाभ मिलने के रास्ते में बड़ी बाधा है।
उन्होंने प्रवासी भारतीयों द्वारा अपने निवास के देशों में दिए जा रहे योगदान की सराहना की और कहा कि भारत की मानव संसाधन पूँजी के विकास में प्रवासी भारतीय उत्प्रेरक की भूमिका निभा सकते हैं।
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