मुख्य पृष्ठ > खबर-संसार > समाचार > राष्ट्रीय
सुझाव/प्रतिक्रियामित्र को भेजियेयह पेज प्रिंट करें
 
जितनी जल्‍दी अपनी वाली पर आ जाएँ उतना अच्‍छा
WDWD
वेबदुनिया की विकास-यात्रा में एक महत्‍वपूर्ण पड़ाव आया है, जब टेलीविजन की दुनिया में हमने दस्‍तक दी है। अब टीवी पर भी वेबदुनिया के विज्ञापन आ रहे हैं। इसकी शुरुआत हुई है ‘आज तक’ से। वह विज्ञापन आप यहाँ वेबदुनिया पर भी देख सकते हैं। यहाँ उसका वीडियो भी साथ में दिया जा रहा है।

वेबदुनिया अब उपलब्‍ध है आपकी अपनी भाषा में। अब जो कहना हो अपने दिल की बात तो अँग्रेजी की शरण में जाने की जरूरत नहीं। पढ़िए और कहिए आपकी अपनी भाषा में। भाषा, जो आपके परिवेश में रची-बसी है, भाषा जो आपके भीतर है, भाषा, जो सबसे आसानी से अभिव्‍यक्‍त करती है आपको।

जी हाँ, आपकी वही मातृभाषा अब इंटरनेट की दुनिया में है। वेबदुनिया विश्‍व का पहला और एकमात्र ऐसा पोर्टल है, जिसने मातृभाषा के महत्‍व और उसकी जरूरत को गंभीरता से समझा। वेबदुनिया का कदम वह पहला कदम था, जो हर व्‍यक्ति तक उसकी अपनी जुबान पहुँचाने की दिशा में उठा था। भारतेंदु ने कहा भी है :

निज भाषा उन्‍नति अहै, सब उन्‍नति को मूल,
बिनु निज भाषा ज्ञान के मिटे न हिय को शूल।

वक्‍त यह साबित कर रहा है कि वेबदुनिया की निगाह कितनी दूर तक देख और सोच पा रही थी। इस दूरदर्शितापूर्ण निर्णय का प्रभाव नजर आ रहा है, जब बहुत तेजी के साथ क्षेत्रीय भाषाओं में वेबदुनिया की लोकप्रियता शिखर की ओर पहुँच रही है। टीवी पर भी वेबदुनिया के विज्ञापन आ रहे हैं। वेबदुनिया भारत के कोने-कोने में, हर घर में दस्‍तक दे रहा है, और ये दस्‍तक है पंजाब की, गुजरात की, महाराष्‍ट्र की, बंगाल की, तमिलनाडु की, आंध्रप्रदेश की, केरल और कर्नाटक की। घर-घर में पहुँच रही है वेबदुनिया की आवाज, उनकी अपनी भाषा की मिठास के साथ।

अपनी मातृभाषा में, अपनी जुबान में बात करना कितना आसान होता है। एक भाषा, जो बच्‍चा बचपन से सुनता है, सीखता है, अपने परिवार और आसपास के परिवेश में, वही उसकी अपनी भाषा होती है, उसकी अपनी जुबान।

पूरा देश इस यात्रा में हमारे साथ है। आप भी इस सफर के साथ चलिए और अँग्रेजी को कहिए अलविदा, क्‍योंकि अब कोई है, जिसके पास है आपकी मिट्टी की महक, आपकी भाषा की मिठास।
वीडियो देखें
और भी
मनमोहन-अटल में करार पर चर्चा
परमाणु करार पर संसद में बहस हो-करात
'परमाणु करार का नंदीग्राम से संबंध नहीं'
'पोतों' को पाकर प्रतिभा पाटिल खुश
विषमताओं को दूर करना होगा-बालकृष्णन
बच्चे एडवर्ल्ड के 'सुपरमैन'