मुख्य पृष्ठ > खबर-संसार > समाचार > राष्ट्रीय
सुझाव/प्रतिक्रिया मित्र को भेजियेयह पेज प्रिंट करें
 
विषमताओं को दूर करना होगा-बालकृष्णन
प्रधान न्यायाधीश केजी बालकृष्णन ने कहा है कि अगर लोकतांत्रिक ढाँचे को अपना समतामूलक कार्यभार पूरा करना है तो सामाजिक और आर्थिक विषमताओं को दूर करने के प्रयास करने होंगे।

न्यायमूर्ति बालकृष्णन ने कहा कि डॉ. भीमराव आंबेडकर ने कहा था कि लगातार जारी सामाजिक और आर्थिक विषमताओं के बीच राजनीतिक समानता टिक नहीं सकती।

जामिया मिलिया इस्लामिया में 'सामाजिक विषमताओं और न्यायिक हस्तक्षेप की संभावनाओं' विषय पर डॉ. केआर नारायणन स्मारक व्याख्यान देते हुए उन्होंने यह बात कही।

विषयवस्तु पर केन्द्रित होते हुए उन्होंने कहा कि समता का लक्ष्य संविधान निर्माताओं के दिमाग में सर्वोपरि था और यह उसमें दर्ज मौलिक अधिकारों के प्रावधानों में और साथ ही राज्य के नीति के निर्देशक सिद्धांतों से भी परिलक्षित होता है।

न्यायमूर्ति ने समता के उद्देश्यों को सुनिश्चित करने में न्यायपालिका की भूमिका को परिभाषित करते हुए ऐसे तबकों से जुड़े हुए मामलों के विभिन्न फैसलों की चर्चा की, जो सामाजिक रूप से भारतीय समाज से अलग हैं।
और भी
बच्चे एडवर्ल्ड के 'सुपरमैन'
कृतज्ञ राष्ट्र ने चाचा नेहरू को याद किया
बिहार के बेहाल बाल बंधुआ मजदूर
स्थायी सीट के लिए ब्रिटेन का समर्थन
प्रियंका गाँधी के घर बंदर का उत्पात
पेट्रोल की कीमतों में बढ़ोतरी नहीं-देवड़ा