मध्यप्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने कहा कि शिवसेना प्रमुख बाल ठाकरे और मनसे नेता राज ठाकरे दो कौड़ी के लोग हैं, जो अंग्रेजी का नहीं हिन्दी का विरोध करते हैं।
शिवसेना प्रमुख बाल ठाकरे और उनके भतीजे एवं महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे को अंग्रेजी के बजाय हिन्दी का विरोध करने के लिए आड़े हाथ लेते हुए भाजश अध्यक्ष उमा भारती ने कहा है कि चाचा-भतीजा को लंदन में जाकर बस जाना चाहिए, जहाँ हिन्दी नहीं बोली जाती और वहाँ ये दोनों अपने घर के अंदर मराठी बोलते रहेंगे।
उमा से जब संवाददाताओं ने शिवसैनिकों द्वारा मुंबई में मीडिया पर किए गए ताजा हिंसक हमले पर प्रतिक्रिया पूछी, तो उन्होंने कहा कि बड़ी शर्म की बात है, ये लोग अंग्रेजी का नहीं हिन्दी का विरोध करते हैं। इन्हें चुल्लू भर पानी में डूब मरना चाहिए, दोनों ‘थर्डग्रेड’ लोग हैं।
उन्होंने जानबूझकर 'मुंबई' को ‘बंबई’ संबोधित करते हुए कहा कि दोनों को बंबई के बजाय लंदन में बस जाना चाहिए, जहाँ हिन्दी नहीं बोली जाती और वहाँ ये दोनों दो कौड़ी के थर्डग्रेड लोग अपने घर के अंदर आपस में मराठी में बात करते रहें। मैं तो मुंबई नहीं बोलूँगी और वहाँ (मुंबई) जाकर भी बंबई कहूँगी, मेरा जो बिगाड़ना हो बिगाड़ लें।
महाराष्ट्र विधानसभा में विधायकों के शपथ ग्रहण के दौरान सपा के अबू आजमी के हिन्दी में शपथ लेने पर मनसे विधायकों द्वारा की गई अभद्रता पर टिप्पणी करने को कहने पर तेजतर्रार नेता ने कहा कि जो हुआ, वह कांग्रेस के सहयोग से हुआ। उन्होंने कहा कि शिवसेना को कमजोर करने के लिए कांग्रेस वहाँ हमेशा से मनसे को पीछे से सहयोग करती आई है।
कांग्रेस महासचिव दिग्विजयसिंह का बयान, जिसमें उन्होंने ठाकरे परिवार को मूलत: मध्यप्रदेश के बालाघाट जिले का बताकर उनके मुंबई जाकर बसने का जिक्र किया है, पर प्रतिक्रिया पूछने पर उमा भारती ने कहा कि दिग्विजय कब गंभीर होते हैं और कब मजाकिया, कुछ कहा नहीं जा सकता है। वास्तव में वे एक ‘मसखरा टाइप’ आदमी हैं।
लिब्रहान रिपोर्ट : लिब्रहान आयोग की रिपोर्ट संसद में पेश किए जाने से पहले मीडिया में ‘लीक’ होने को केन्द्र की कांग्रेस नीत संप्रग सरकार की साजिश बताते हुए उमा भारती ने कहा है कि इसके जरिये सरकार बेरोजगारी, गुणवत्ताहीन महँगी शिक्षा, बढ़ती महँगाई, मुंबई हमले का एक साल करीब होने जैसे मुद्दों से देश का ध्यान बँटाना चाहती है। (भाषा)