रायपुर (वार्ता) , शनिवार, 10 अक्टूबर 2009( 13:31 IST )
छत्तीसगढ़ के आदिवासी बहुल अंचल में प्राथमिक शाला में अध्ययनरत बच्चे अब अपनी आंचलिक बोली 'हल्बी' में पढ़ाई कर सकेंगे।
अधिकारिक सूत्रों ने जानकारी देते हुए बताया कि बस्तर में स्थानीय बोली में प्राथमिक शाला की प्रत्येक कक्षा में हिंदी भाषा के साथ 'हल्बी' में भी पढ़ाई करवाए जाने के लिए पाठयक्रम तैयार करने की कार्यवाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि 'हल्बी' में पाठ्यक्रम आगामी शैक्षणिक वर्ष से प्राथमिक स्तर में लागू किया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि इसके पहले इस कार्यक्रम को क्रियान्वित करने के लिए शिक्षाविद, रचनाकार, लोक कलाकार और इस विषय की जानकारों की एक वृहद कार्यशाला आयोजित की जा चुकी है। इसमें यह निर्णय लिया गया है कि निर्धारित होने वाले पाठ्यक्रम में बस्तर की सुंदरता, प्रकृति, दर्शनीय स्थल और अन्य लोक कहानी, लोक कलाकार और लोक साहित्यकारों सहित बस्तर से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण विषयों को पाठ्क्रम में शामिल किया जाएगा।