अपने स्वर्गवासी दादा और पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंतसिंह द्वारा देखे गए सपनों को पूरा करने के लिए सियासत के मैदान में उतरे रबनीतसिंह बिट्टू चाहते हैं कि विकास की दौड़ में पंजाब हमेशा अव्वल रहे साथ ही युवाओं को हर क्षेत्र में अवसर मिलें। आनंदपुर साहिब से कांग्रेस सांसद रबनीत पिछले दिनों एक कार्यक्रम के सिलसिले में इंदौर आए। इस मौके पर हरकृष्ण शर्मा ने वेबदुनिया के लिए उनसे बातचीत की। प्रस्तुत हैं मुख्य अंश :-
* क्या आपको राजनीति में आने की प्रेरणा अपने दादा बेअंतसिंह से मिली?
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सच्चाई तो यही है कि मुझे सियासत की घूँटी अपने दादा सरदार बेअंतसिंह से ही मिली है। पंजाब के हालात जब बुरी तरह बिगड़ चुके थे और उग्रवाद अपने चरम पर था तो उन्होंने उस समय तत्कालीन डीजीपी केपीएस गिल से के साथ पूरी ईमानदारी से काम करते हुए राज्य के हालात सुधारने में अहम भूमिका निभाई। मैं लोगों का शुक्रगुजार हूँ कि उन्होंने मुझे अपनी और देश की सेवा करने के काबिल समझा। मैं पूरी कोशिश करूँगा कि उनकी उम्मीदों पर खरा उतरूँ।
*हरियाणा के सिखों द्वारा गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी बनाने के लिए काफी जद्दोजहद की जा रही है और राजस्थान में भी इस तरह की माँग जोर पकड़ रही है, इससे आप कहाँ तक सहमत हैं? यह धर्म का मामला है और मैं इस बारे में कुछ नहीं कहना चाहता। इस मामले को पंजाब और हरियाणा के सिखों और सरकारों को मिल-बैठकर सुलझाना चाहिए।
*राजिन्दर कौर भट्ठल, जगमीत बरार और हरमंदरसिंह जस्सी के बादल के साथ मिले होने की खबरों में कितना दम है? कांग्रेस देश की सबसे पुरानी पार्टी है। मतभेद हर पार्टी में होते हैं और कुछेक मामलों में यह पंजाब कांग्रेस में भी हो सकते हैं। सबसे अहम बात यह है कि कांग्रेस हाईकमान द्वारा किसी भी नेता को जो जिम्मेदारी सौंपी जाती है वह उसे पूरी ईमानदारी से अंजाम देता है। लोकसभा चुनाव कांग्रेस की एकजुटता का सबसे बड़ा उदाहरण है। कांग्रेस ने अकाली शासित पंजाब में 14 में से 9 सीटों पर कब्जा जमाया है।
*विधानसभा चुनाव में आप राज्य की जनता के बीच किन मुद्दों के साथ जाएँगे? किसी समय विकास की दौड़ में सबसे आगे रहने वाला राज्य पंजाब अब 17वें नंबर पर है। राज्य में बिजली सिर्फ चार घंटे आती है और पंजाब के हालात आज यूपी और बिहार जैसी हो गई है। उद्योगों को सुरक्षा नहीं मिलने के कारण उद्योग राज्य से बाहर जा रहे हैं। रोजगार न मिलने के कारण युवा वर्ग भी निराश दिखाई दे रहा है। पंजाब सरकार बादल परिवार की जागीर बनकर रह गई है। हमें यकीन है कि लोग लोकसभा चुनावों की तरह पंजाब विधानसभा चुनावों में भी कांग्रेस पार्टी का साथ देंगे। यदि हम सत्ता में आए तो किसी भी वर्ग से भेदभाव नहीं किया जाएगा।
*पंजाब सरकार द्वारा गरीबों को उपलब्ध कराई जा रही मुफ्त बिजली पर आप क्या सोचते हैं? मुफ्त बिजली पंजाब सरकार का लोकप्रियता हासिल करने का हथकंडा मात्र है। सूखे त्रस्त किसान त्राहि-त्राहि कर रहे हैं। युवा वर्ग रोजगार की तलाश में भटक रहा है। सरकार का समस्याओं की तरफ कोई ध्यान नहीं है।