मध्यप्रदेश सरकार की राष्ट्रीय स्तर पर चर्चित लाड़ली लक्ष्मी योजना राज्य के वर्ष 2009-10 के बजट की भी दुलारी रही। पिछले साल की तुलना में इस बार योजना के लिए राशि आवंटन में 128 करोड रुपए की वृद्धि हुई है।
सदन में बजट प्रस्तुत करते हुए वित्त मंत्री राघवजी ने बताया कि महिला और बाल विकास सरकार की पहली प्राथमिकता रहा है। इसी क्रम में हम तीसरी बार जेंडर बजट अलग से पेश कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि बालिकाओं के लिए चलायी जा रही लाड़ली लक्ष्मी योजना की सराहना राष्ट्रीय स्तर पर हुई है। इस योजना में वर्ष 2009-10 में 276 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है जबकि गत वर्ष 148 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया था।
राघवजी ने कहा कि महिलाओं और बच्चों में कुपोषण दूर करने के लिए लगातार गंभीर प्रयास किए जा रहे हैं। इस वर्ष से पोषण आहार उपलब्ध कराए जाने के लिए पिछले साल की तुलना में दोगुनी राशि का प्रावधान रखा गया है।
इस वर्ष प्रदेश में आईसीडीएस तृतीय चरण में 9691 आँगनबाडी केंद्र, 9820 मिनी आँगनबाडी केंद्र और 86 नवीन एकीकृत बाल विकास परियोजनाएँ आरंभ की जाएँगी।
वित्त मंत्री ने कहा कि महिला एवं बाल विकास विभाग के लिए वर्ष 2009-10 में 1655 करोड़ रुपए का प्रावधान प्रस्तावित किया गया है जबकि वर्ष 2008-09 में 914 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया था। |