नर्मदा नदी में मंगलवार शाम स्नान के दौरान मौत के मुँह में समा रहे गुजरात के सात लोगों की जान बचा ली गई। इन्हें दो युवकों ने अन्य लोगों की सहायता से बचाया।
गुजरात के राजकोट एवं अहमदाबाद से डॉ. अरविंद भट्ट के साथ ओंकारेश्वर आए 16 सदस्यों का दल जाट समाज की धर्मशाला में ठहरा था।
शाम के समय गणगौरघाट पर स्नान के दौरान अरविंद भट्ट (50) पैर फिसलने से डूबने लगे। इस दौरान उनके बहनोई डॉ. प्रगेनेश भट्ट भी उन्हें बचाने की कोशिश में डूबने लगे। इसके बाद तो इन्हें बचाने में तेजन भट्ट (15), हर्ष भट्ट (19), हिरवा भट्ट (18) और गुजांक भट्ट (11) वर्ष भी गहरे पानी में डूबने लगे।
परिवार के अन्य लोगों के शोर मचाने पर ओंकारेश्वर निवासी राजेंद्र गौड़ (18) और आकाश वर्मा (13) ने जान जोखिम में डालकर पानी में छलाँग लगा दी और डूबते लोगों को ऊपर खींचा।
पानी में कूदे राजेंद्र और आकाश की मदद के लिए घाट पर खड़े शैलू केवट और राजू वर्मा ने नाव आगे बढ़ा दी। उनकी सूझबूझ से लोगों की जान बचाने में बड़ी मदद मिली। राजेंद्र ने डॉ. अरविंद और प्रगेनेश को व आकाश ने हिरवा, तेजन, गुजांक और हर्ष को नाव का सहारा देकर सुरक्षित बचाया। (नईदुनिया) |