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वेतन फार्मूला तय करने में जुटा शासन
मप्र के सरकारी कर्मियों को छठे वेतनमान का लाभ मिलने की घड़ी करीब आती जा रही है। केंद्र में अधिसूचना जारी होने के अगले ही दिन शनिवार को दिनभर राज्य सरकार के अफसर और वित्त मंत्री राघवजी इसी गुणा-भाग में जुटे रहे।

दूसरी तरफ राज्य सरकार ने केंद्र के पाले में गेंद डालते हुए माँग की है कि इस खर्च का आधा भार वह उठाए और करों के रूप में राज्यांश बढ़ाकर पचास फीसदी करे। सरकार की कोशिश अगले चार दिनों में राज्य का फार्मूला घोषित कर देने की है।

ढाई सौ करोड़ का भार : इधर चुनाव के पहले आई इस आर्थिक चुनौती से वित्त विभाग सहमा हुआ है। कर्मचारियों को सितंबर से नकद लाभ देने के वादे पर अमल से खजाने पर ढाई सौ करोड़ रुपए के आसपास मासिक भार आएगा। इसमें कर्मचारियों का वेतन और पेंशन भी शामिल होगी। इसका बजट प्रावधान भी नहीं है।

अक्टूबर में बढ़ी हुई पगार : राज्य कर्मचारियों को सितंबर महीने की पगार में छठे वेतनमान का फायदा नहीं मिल सका तो अक्टूबर महीने की जो पगार नवंबर में बँटेगी, उसमें सितंबर व अक्टूबर की वेतनवृद्धि जोड़ दी जाएगी।

एरियर्स के आसार नहीं : सूत्र बताते हैं कि मप्र में क र्मचारियों को वर्ष 06 से नए वेतनमान के एरियर्स फिलहाल तो देने की उम्मीद ही नहीं है। सरकार का सारा जोर इस वक्त सिर्फ तात्कालिक नकद लाभ ही देने पर है। (नईदुनिया)
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