भाजपा की ओर से प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार लालकृष्ण आडवाणी ने सोमवार को कहा कि आगामी लोकसभा चुनाव में अमरनाथ श्राइन बोर्ड से जुड़ा जमीन संबंधी मामला मुख्य चुनावी मुद्दा होगा।
अपनी आत्मकथा के हिन्दी संस्करण के विमोचन के सिलसिले में पहुँचे आडवाणी ने हवाई अड्डे पर कहा कि इसके अलावा संसद पर हमले के आरोपी अफजल गुरु को फाँसी की सजा पर अमल नहीं होना और रामसेतु मामले में केंद्र सरकार की ओर से दाखिल हलफनामे में भगवान राम के अस्तित्व पर सवाल उठाना भी मुख्य मुद्दे होंगे।
लोकसभा में विपक्ष के नेता आडवाणी ने आरोप लगाते हुए कहा कि जम्मू-कश्मीर सरकार का श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड को आवंटित जमीन वापस लेने का फैसला सांप्रदायिक और वोट बैंक की राजनीति का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि अमरनाथ यात्रियों को बुनियादी सुविधाओं के वास्ते यह जमीन आवंटित की गई थी।
आडवाणी ने कहा कि पहले प्रतीत होता था कि बोर्ड को जमीन आवंटित करने का विरोध सिर्फ पीडीपी कर रही है, लेकिन अब बोर्ड के संबंध में नए फैसले से साफ हो गया है कि कांग्रेस भी इस निर्णय के खिलाफ है।
उन्होंने कहा कि केंद्र की संप्रग सरकार परमाणु मुद्दे पर वामपंथी दलों की धमकियों के बावजूद बड़ा सख्त रुख अपना रही है, लेकिन श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड के संबंध में उसके रवैए से स्पष्ट है कि कांग्रेस वोट बैंक की खातिर इस तरह के कदम उठा रही है।
उन्होंने धर्मनिरपेक्षता की दुहाई देने वाली केंद्र सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि आगामी चुनावों में कांग्रेस और उससे जुड़े दलों को इनकी कीमत चुकाना होगी।
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