राष्ट्रपति श्रीमती प्रतिभा पाटिल ने शुक्रवार शाम सादे और गरिमामय समारोह में चोइथराम नेत्रालय देश को लोकार्पित किया। ठीक 6 बजे महामहिम ने दीप प्रज्वलित कर नेत्र रोगियों के अँधेरे जीवन में उजास भरने के इस उपक्रम को और गतिमान कर दिया। शुभकामना स्वरूप उन्होंने कहा- 'आप बहुत अच्छा काम कर रहे हैं, इसे जारी रखना।'
धार रोड पर ग्राम श्रीराम तलावली में स्थित नेत्रालय परिसर शहनाइयों की मधुर ध्वनि से गूँज रहा था। खुशनुमा मौसम और हरे-भरे सुरम्य परिसर में जैसे ही महामहिम ने दीप रोशन किया, लॉबी में तालियों की गड़गड़ाहट गूँज उठी। इसके बाद श्रीमती पाटिल ने नेत्रालय की लॉबी में स्थापित शिलालेख का अनावरण किया। लोकार्पण के तुरंत बाद उन्होंने नेत्रालय के विभिन्न विभागों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने नेत्रालय अधीक्षक डॉ. प्रतीप व्यास से उपकरणों की जानकारी ली।
लेजर सर्जरी में दिलचस्पी : डॉ. व्यास ने बताया कि उन्होंने रिफ्रेक्टिव लेजर सर्जरी यानी चश्मा उतारने की लेजर सर्जरी के बारे में जानने में अतिरिक्त दिलचस्पी दिखाई। ग्लूकोमा विभाग की मशीनों के बारे में जानने के बाद उन्होंने राष्ट्रपति भवन से साथ आई एक विशेषज्ञ चिकित्सक से पूरी जानकारी हासिल करके उन्हें अवगत कराने के आदेश दिए।
बाल नेत्ररोग विभाग का दौरा करने के बाद उन्होंने बाल नेत्ररोग के क्षेत्र में कार्यरत विश्व प्रसिद्ध संस्था 'ऑरबिस' की टीम से मुलाकात कर डॉ. जीबी राव से प्रोजेक्ट के बारे में पूछताछ की। नेत्रालय में ऑरबिस के सहयोग से ही बाल नेत्ररोग विभाग स्थापित किया गया है। ऑपरेशन थिएटर की संक्रमण रहित बनावट एवं रखरखाव पर महामहिम ने संतोष व्यक्त किया।
प्रतीक चिह्न भेंट : निरीक्षण के बाद चोइथराम समूह के ट्रस्टी सतीश मोतियानी की पत्नी श्रीमती मोतियानी ने महामहिम को प्रतीक चिह्न भेंट किया। श्रीमती पाटिल ने ट्रस्टियों से मुलाकात भी की और कार्यक्रम में उपस्थित बच्चों गौरव वर्मा, गौरी वर्मा तथा अनन्या पांडे को ऑटोग्राफ दिए। समारोह में राज्यपाल डॉ. बलराम जाखड़, मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान तथा लोक निर्माण मंत्री कैलाश विजयवर्गीय उपस्थित थे। गणमान्य नागरिक और चोइथराम ट्र्स्ट के पदाधिकारी, प्रमुख चिकित्सक भी उपस्थित थे। भाजपा के नगर अध्यक्ष सुदर्शन गुप्ता, कांग्रेस के कृपाशंकर शुक्ला व उजागरसिंह आदि भी समारोह में थे।
महामहिम ने पूछा * 'शंकर नेत्रालय चेन्नई में जो मशीनें हैं वे यहाँ हैं या नहीं?' डॉ. व्यास- 'लगभग सभी हैं।'
* 'चश्मा उतारने की सर्जरी किस उम्र में और कौन करा सकता है?...' डॉ. व्यास- 'सभी करा सकते हैं, उम्र बाधक नहीं है।'
* महामहिम श्रीमती प्रतिभा पाटिल ने नेत्रालय अधीक्षक डॉ. व्यास से कहा- 'आप बहुत अच्छा काम कर रहे हैं, इसे जारी रखिए।'
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