महानायक अमिताभ बच्चन ने रविवार को एक बार फिर राजनीति में आने की संभावनाओं को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि वे नेता के बजाय अभिनेता ही बने रहना चाहेंगे।
फिल्म 'सरकार राज' के प्रचार-प्रसार के लिए यहाँ पहुँचे बच्चन ने कहा मैं एक आम कलाकार हूँ और राजनीति मुझे आती नहीं। जो काम मुझे आता नहीं वह काम मैं करना नहीं चाहता। उन्होंने इस बात को भी खारिज किया कि 'सरकार राज' शिवसेना सुप्रीमो बाल ठाकरे के जीवन पर बनी है।
बच्चन ने कहा कि निर्देशक रामगोपाल वर्मा को एक कहानी मिली और उन्होंने काल्पनिक किरदारों के साथ इसे परदे पर उतार दिया। हालाँकि उन्होंने बताया वे खुद इस फिल्म को ठाकरे को दिखाना चाहते थे, लेकिन शिवसेना सुप्रीमो की अस्वस्थता की वजह से ऐसा नहीं हो सका।
बढ़ती महँगाई से जुड़े सवालों पर उन्होंने कहा मैं न तो प्रधानमंत्री हूँ और न ही वित्तमंत्री। यह सवाल तो आप उन्हीं लोगों से पूछें। क्या अमिताभ रेखा के साथ दोबारा काम करना चाहेंगे। उन्होंने कहा ऐसा कोई प्रस्ताव आएगा तो वे विचार करेंगे।
अभिनेता से नेता बने शत्रुघ्न के उन्हें साधारण नायक बताने संबंधी सवाल पर उन्होंने कहा कि शत्रुघ्न ने गलत नहीं कहा वह वास्तव में आम नायक हैं।
एक सवाल में अमिताभ को महानायक और सेलिब्रिटी कहे जाने पर उन्होंने दोहराया कि यह गलतफहमी है कि वे कोई बहुत बड़ी सेलिब्रिटी या महानायक हैं।
वे अब उत्तरप्रदेश के साथ हैं या समाजवादी पार्टी के साथ? उन्होंने कहा वे राजनीतिज्ञ नहीं हैं और उनका लगाव उत्तरप्रदेश से है, जहाँ उनकी सात पुश्तें हुई हैं और उसी मिट्टी में समाई हुई हैं।
अमिताभ के साथ धक्का-मुक्की, पिटे प्रशंसक : अमिताभ बच्चन को देखने के लिए उमड़ी पर काबू पाने के लिए पुलिस और निजी सुरक्षा कर्मचारियों को भारी मशक्कत करना पड़ी।
प्रशासन ने बिग बी की यात्रा के मद्देनजर जगह-जगह यातायात रोक दिया। शाम को करीब दो घंटे आयोजन स्थल ट्रेजर आईलैंड शापिंग मॉल के चारों ओर लोगों का भारी जमघट लग गया। अमिताभ को सुरक्षित बाहर निकालने में सुरक्षा कर्मियों को पसीने आ गए। यहाँ तक कि अमिताभ बच्चन को भी धक्का-मुक्की का सामना करना पड़ा।
इससे पूर्व अमिताभ ने कहा इंदौरवासी उन्हें इतना प्यार करते हैं, यह मालूम नहीं था। अब तो इंदौर आते रहना पड़ेगा। बच्चन की सुरक्षा के लिए तैनात पुलिस अधिकारी, कर्मचारी और निजी सुरक्षा कर्मचारियों ने मीडिया और जनता के साथ जमकर बदसलूकी की। मॉल के निजी सुरक्षा कर्मचारी तो गुंडागर्दी पर उतारू हो गए और उन्होंने प्रशंसकों को जमकर पीटा।
यातायात रोकेने से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। अमिताभ के आगे-पीछे दिखाई देने के चक्कर में घूम रहे पुलिस वाले भी बदसलूकी करने में पीछे नहीं रहे।
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