भारत और अमेरिका ने मंगलवार को कहा कि वे वित्तीय संकट से प्रभावित वैश्विक अर्थव्यवस्था को उबारने के लिए आपसी आर्थिक सहयोग बढ़ाएँगे। इसके साथ ही दोनों देशों ने द्विपक्षीय व्यापार और निवेश को बढ़ाने पर भी सहमति जताई, जिससे रोजगार के और अवसरों का सृजन हो तथा वैश्विक अर्थव्यवस्था को गति मिल सके।
प्रधानमंत्री मनमोहनसिंह ने अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के साथ संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में कहा कि हमारे बीच आपसी व्यापार, निवेश और आर्थिक सहयोग और बढ़ाने पर सहमति हुई है। आपसी सहयोग इस तरीके से बढ़ाया जाएगा, जिससे रोजगार के मौके पैदा हों तथा समृद्धि बढ़े।
मनमोहन ने कहा कि वैश्विक आर्थिक संकट ने इस बात की वास्तविकता सामने ला दी है कि समृद्धि के लिए दोनों देशों के आपसी संबंध महत्वपूर्ण हैं। हम इस बात पर सहमत हैं कि जिस दुनिया में हम रहते हैं उसकी चुनौतियों से निपटने के लिए भारत-अमेरिका रिश्ते महत्वपूर्ण हैं।
ओबामा ने कहा कि हम आर्थिक सुधार को मजबूत करने और निवेश का दायरा बढ़ाने पर सहमत हुए हैं, जिससे हम अपने लोगों (अमेरिकियों और भारतीयों) के लिए रोजगार पैदा कर सकें। उन्होंने कहा कि अमेरिका में भारतीय निवेश से नौकरियों का सृजन हो रहा है। (भाषा)