हेडली ने खाई थी 'बदला लेने' की कसम

अमेरिकी आतंकवादी के ई-मेल संदेशों से खुलासा
वॉशिंगटन, रविवार, 22 नवंबर 2009( 17:49 IST )
भारत के खिलाफ आतंकवादी हमले की साजिश रचने के आरोप में एफबीआई द्वारा गिरफ्तार किए गए पाकिस्तानी मूल के अमेरिकी नागरिक डेविड कोलमैन हेडली ने अपने ई-मेल संदेशों में भारत के खिलाफ जवाबी कार्रवाई की कसम खाई थी। उसके ये संदेश जाँचकर्ताओं ने पकड़े हैं।
न्यूयॉर्क टाइम्स की आज प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार 49 वर्षीय हेडली ने अपने संदेश में कहा कि हम भारत के खिलाफ जवाबी कार्रवाई करेंगे।
न्यूयॉर्क टाइम्स ने लिखा है कि उसके खिलाफ लगाए गए आरोपों से पता चलता है कि वह एक ऐसा इनसान रहा है, जो दो संस्कृतियों के बीच झूलता रहा है। लेख में हेडली के जन्म से लेकर उसके पालन-पोषण और पिछले माह स्कूली समय के दोस्त तहव्वुर हुसैन राणा समेत एफबीआई द्वारा उसे गिरफ्तार किए जाने तक का ब्योरा दिया गया है।
दैनिक ने लिखा है कि उसकी गिरफ्तारी के बाद से उसका जो चरित्र उभरकर सामने आया है, वह दर्शाता है कि हेडली दो संस्कृतियों के बीच खींचतान महसूस करता था और अंतत: वह अतिवादी इस्लामिक संस्कृति की ओर झुक गया।
हेडली ने पिछली फरवरी में अपने स्कूली सहपाठी को भेजे ई-मेल संदेश में कहा कि हम में से कुछ लोग कह रहे हैं कि आतंकवाद कायरों का हथियार है। मैं कहूँगा कि तुम इसे बर्बर या अनैतिक या क्रूर कह सकते हो, लेकिन कभी इसे कायर मत कहो।
उसने आगे लिखा-कुल मिलाकर साहस विशेष रूप से मुस्लिम राष्ट्र की बपौती है। उसके कई ई-मेल संदेशों में से कुछ में सर कलम करने और आत्मघाती हमलों को सही ठहराने के साथ ही उसे महान कार्य बताया गया है।
ये संदेश हेडली तथा सह साजिशकर्ता 48 वर्षीय राणा के खिलाफ सरकार के मामले में सबूत हैं। राणा का शिकागो में कारोबार है।
हालिया कुछ दिनों में मुख्य धारा का अमेरिकी मीडिया राणा तथा हेडली के बारे में काफी कुछ लिखता रहा है कि किस प्रकार अमेरिकी नागरिक और यहाँ रह रहे लोग तेजी से इस्लामी चरमपंथ की चपेट में आ रहे हैं और भारत तथा डेनमार्क जैसे देशों में आतंकवादी हमलों की योजना बना रहे हैं।
मीडिया रिपोर्टों में ऐसे लोगों के पाकिस्तान स्थित आतंकवादी संगठनों के साथ सीधे संबंधों पर भी जोर दिया गया है, जिसे ओबामा प्रशासन आतंकवाद के खिलाफ युद्ध में अपना प्रमुख सहयोगी मानता है।
न्यूयॉर्क टाइम्स ने अपनी रिपोर्ट में लिखा है कि 49 वर्षीय हेडली और 48 वर्षीय राणा गरीब युवा और कट्टरपंथी इस्लामिक स्कूल के चरमपंथी हैं, जो अपने गृह देश के करीब या खुद उसके भीतर हमला करते हैं। उनकी विशेष पृष्ठभूमि सघन आवाजाही तथा सांस्कृतिक विभ्रम उन्हें खालिद शेख मोहम्मद और मोहम्मद अता जैसा बनाता है, जो 11 सितंबर के हमलों का स्वयंभू साजिशकर्ता थे।
शेख ने अमेरिका के कॉलेज में पढ़ाई की और हमलों की साजिश रची। रिपोर्ट में लिखा है कि हेडली एक पाकिस्तानी राजनयिक पिता और अमेरिकी माँ की संतान है, जिसने बाद में फिलाडेल्फिया में ‘खबर पास’ नामक एक रेस्त्राँ काफी सफलता से चलाया। (भाषा)