शहर की बेहद तेज गति से कम होती आबादी के चलते वेनिस शहर ने एक नाटकीय घटनाक्रम के तहत अपना ही अंतिम संस्कार कर दिया। यह कार्यक्रम वेनिस की 60 हजार की आबादी में दिनोंदिन हो रही कमी की ओर दुनिया का ध्यान आकर्षित करने के लिए आयोजित किया गया।
तीन वाहनों के काफिले के साथ एक लाल रंग के ताबूत को लेकर वेनिस की शव यात्रा निकाली गयी और कल ग्रांड कैनाल में प्रतीकात्मक रूप से अंतिम संस्कार कर दिया गया। यह यात्रा ला सेरिनिसिर्मार की मौत का प्रतीक थी। वेनेतियाई रिपब्लिक को उसकी आजादी के सुनहरे दिनों में इसी नाम से जाना जाता था।
डेली टेलीग्राफ ने इस रिपोर्ट के साथ ही बताया है कि 50 के दशक में वेनिस की आबादी करीब तीन लाख होती थी लेकिन अब ताजा सर्वेक्षणों में यह आँकड़ा गिरकर 60 हजार के पास पहुँच गया है। इसका कारण शहर में रोजगारों की कमी और रहन सहन की बढ़ती लागत है।
वेनिस वासियों को आशंका है कि वे एक खतरे से घिरी प्रजाति में तब्दील होते जा रहे हैं और उनके घर भविष्य में खुले हवादार संग्रहालय में तब्दील हो जाएँगे जहाँ दिन में पर्यटकों की भीड़ रहेगी लेकिन रात में यह भूतों का शहर बनकर रह जाएगा।
धनाढ्य इतालवी नागरिकों और विदेशियों की माँग ने वेनिस में संपत्ति की कीमतों में अनाप शनाप वृद्धि की है जिसके चलते स्थानीय लोगों का बड़े पैमाने पर अन्य इतालवी शहरों में पलायन हुआ है।
अंतिम संस्कार के आयोजकों में से एक मेतोयो सेची ने कहा‘लोग इसलिए शहर छोड़ कर जा रहे हैं क्योंकि जीना दुभर हो गया है। सभी सामान्य दुकानें वेनिस के मास्क और मुरानो काँच बेचने वाले स्टोर में तब्दील हो गई हैं। यह स्थानीय लोगों के लिए अच्छा नहीं है। लोग काँच थोड़े ही खाएँगे।’
उन्होंने कहा‘पिछले सात सालों में अंधाधुंध तरीके से ऐतिहासिक इमारतों को होटलों में तब्दील कर दिया गया। हर कोने पर आपको ब्रेड एंड ब्रेकफास्ट की दुकान मिल जाएगी और हर रोज नए होटल यहाँ खुल रहे हैं।’
उन्होंने कहा‘वास्तविकता यह है कि पिछले कई दशकों में पर्यटन ने इस शहर को निचोड़ दिया है और यहाँ अन्य आर्थिक गतिविधियाँ न के बराबर हैं। ऐसे में जो व्यक्ति होटल या टूर गाइड के रूप में काम नहीं करना चाहता, उसके लिए कुछ और बचा ही नहीं है। हमें नए प्रकार का कारोबार तलाश करने की जरूरत है।’(भाषा)