क्रेमलिन ने शनिवार को रूसी राष्ट्रपति दमित्री मेदवेदेव के हवाले से कहा है कि ईरान द्वारा अपने परमाणु कार्यक्रम के गतिरोध के बारे में कोई सकारात्मक गतिविधि नहीं करने की स्थिति में उसके खिलाफ नए प्रतिबंधों से इनकार नहीं किया जा सकता।
जर्मन साप्ताहिक पत्रिका ‘स्पीगेल’ के साथ एक साक्षात्कार में मेदवेदेव ने इस बात की पुष्टि की है कि यदि ईरान इस गतिरोध को तोड़ने के लिए संयुक्त राष्ट्र की मध्यस्थता वाली योजना के प्रति राजी होता है, तो रूस यूरेनियम संवर्धन के कार्य में उसकी मदद करने को तैयार है। क्रेमलिन ने इस साक्षात्कार का लिखित अंश जारी किया है।
मेदवेदेव ने साक्षात्कार में कहा‘यदि ईरानी नेतृत्व कुछ कम रचनात्मक रुख करता है, तो सिद्धांत रूप में कुछ भी संभव है।’उन्होंने कहा‘मैं नहीं चाहता कि यह सब कुछ अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों को अपनाने के साथ खत्म हो जाए क्योंकि प्रतिबंध पेचीदे और खतरनाक दिशा की ओर ले जाते हैं।’
रूसी राष्ट्रपति ने कहा‘यदि कोई सकारात्मक गतिविधि नहीं होती है तो कोई भी इस तरह के हालात से इनकार नहीं कर सकता।’(भाषा)