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मुख पृष्ठ » खबर-संसार » समाचार » अंतरराष्ट्रीय » पाक में 26/11 मामले की सुनवाई टली (Mumbai terror attacks)
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पाकिस्तान की एक आतंकवाद निरोधक अदालत ने मुंबई हमलों के सिलसिले में गिरफ्तार किए गए लश्कर-ए-तोइबा के अभियान प्रमुख जकीउर रहमान लखवी सहित सात संदिग्धों की सुनवाई शनिवार को एक हफ्ते के लिए स्थगित कर दी।

आरोपियों की अर्जी पर हुई बहस को सुनने के बाद अदालत ने यह आदेश जारी किया। बचाव पक्ष के एक वकील शाहबाज राजपूत ने बताया कि न्यायाधीश मलिक मोहम्मद अकरम अवान ने आज की कार्यवाही के बाद इस मामले की सुनवाई 14 नवंबर तक के लिए स्थगित कर दी।

राजपूत ने इस बारे में ब्योरा दिए बगैर बताया कि अदालत ने आरोपियों की अर्जी को स्वीकार कर लिया है और इस पर फैसला आने की उम्मीद की जा रही है। अदालत ने वकीलों और इस सुनवाई से जुड़े अन्य लोगों से कहा कि वे इसके ब्योरे के बारे में मीडिया और पत्रकारों के साथ चर्चा नहीं करें।

उल्लेखनीय है कि रावलपिंडी के अदिआला जेल में कड़ी सुरक्षा के बीच इस मामले की सुनवाई हो रही है और मीडिया तथा पत्रकारों को इस सुनवाई से दूर रखा गया है।

इस मामले के आरोपियों ने खुद को आरोपित किए जाने के तौर-तरीके पर हाल ही में आपत्ति जताई थी। उन्होंने 10 अक्टूबर की सुनवाई के दौरान न्यायाधीश बकीर अली राणा के तौर-तरीकों पर आपत्ति जताई थी। इसके बाद लाहौर उच्च न्यायालय ने राणा को उनके खुद के आग्रह पर इस मामले की सुनवाई से हटा दिया।

आरोपियों ने एक अर्जी दाखिल की थी, जिसमें उन्होंने मुंबई हमलों के दौरान भारतीय अधिकारियों द्वारा गिरफ्तार किए गए एक मात्र जीवित आतंकवादी अजमल आमिर कसाब के बयान की सत्यापित प्रतियों की माँग की थी।

लाहौर उच्च न्यायालय की रावलपिंडी स्थित एक पीठ ने पिछले हफ्ते आतंकवाद निरोधक अदालत को यह निर्देश दिया था कि वे आरोपियों के विचारों पर गौर करें और उनके अभ्यारोपण की सुनवाई से पहले उनकी शिकायतों का हल किया जाए।

गौरतलब है कि आतंकवादी निरोधक अधिनियम के तहत मुंबई हमलों के सिलसिले में जिन सात लोगों पर मामला दर्ज किया गया है, उनमें लखवी, जरार शाह, अबू अल कामा, हमाद अमीन सादिक, शाहिद जमील रियाज, जमील अहमद और युनूस अंजुम शामिल हैं।

इन पर मुंबई हमलों को अंजाम देने वाले 10 आतंकवादियों को प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता, ठिकाना, उपकरण और संचार सुविधा मुहैया कराने का आरोप लगाया गया है। (भाषा)
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