आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा द्वारा भारतीय प्रतिष्ठानों पर हमले के लिए बनाई गई योजना के खुलासे में एक नया मोड़ आ गया है। अमेरिकी जाँच एजेंसी एफबीआई ने पाकिस्तान में पैदा हुए और पिछले महीने गिरफ्तार किए गए कनाडाई नागरिक तहव्वुर हुसैन राणा के घर से अलकायदा के दो भड़काऊ वीडियो बरामद किए हैं।
राणा के घर से बरामद किए गए वीडियो में अल कायदा प्रमुख ओसामा बिन लादेन और अन्य आतंकवादियों के भड़काऊ भाषण हैं।
अलकायदा के मीडिया विंग अस सहाब मीडिया की ओर से निर्मित दोनों वीडियो में से एक बॉम्बिंग ऑफ डेनमार्क एम्बेसी के नाम से है। इसे 48 साल के राणा के बेडरूम से बरामद किया गया। गौरतलब है कि राणा तकरीबन पिछले दस साल से शिकागो में रह रहा है।
राणा को पिछले महीने एफबीआई ने 49 साल के डेविड कोलमैन हैडली के साथ अलकायदा की शह पर दिल्ली के नेशनल डिफेंस कॉलेज, देहरादून के दून स्कूल और मसूरी के वुडस्टॉक पर हमले की योजना बनाने के आरोप में गिरफ्तार किया था।
कई दफा पाकिस्तान जा चुके और लश्कर-ए-तैयबा के सदस्यों से नियमित तौर पर संपर्क में रहने वाले हेडली से पूछताछ के लिए अभी भारतीय अधिकारी अमेरिका में हैं। संघीय वकीलों की ओर से अदालत में कल दायर किए गए हलफनामे में जज नैन आर नोलन को भी बरामद किए गए वीडियो के बारे में जानकारी दी गई।
डेनमार्क, जहाँ के एक अखबार ने पैगम्बर मोहम्मद के कार्टून प्रकाशित किए थे, से जुड़ा वीडियो 54 मिनट लंबा है।
संघीय वकीलों का कहना है कि वीडियो एक डीवीडी में सहेज कर रखे गए थे और इन्हें पिछले 18 अक्टूबर को राणा के बेडरूम से बरामद किया गया।
अदालत में दायर किए गए नए हलफनामे में कहा गया है कि बरामद किया गया वीडियो अलकायदा प्रवक्ता अबु यह्या अल लीबी द्वारा पढ़ा गया है। बताया जाता है कि लीबी अफगानिस्तान में अमेरिकी कैद से भाग निकला था।
वीडियो में अलकायदा का तीसरा सबसे बड़ा नेता माना जाने वाला मुस्तफा अबु अल यजीद भी नजर आया है। हलफनामे के मुताबिक वीडियो में इस्लामाबाद स्थित डेनिश दूतावास पर दो जून 2008 को हुए फिदायीन हमले में शामिल शख्स को भी दिखाया गया है। (भाषा)