कनाडाई वैज्ञानिकों ने एक नवजात न्यूट्रॉन तारे की खोज की है, जिससे ब्रह्मांड के निर्माण में इस प्रकार के तारों के योगदान के बारे में और जानकारी प्राप्त हो सकती है।
वैज्ञानिकों के मुताबिक 12.4 मील चौड़ा न्यूट्रॉन तारा ब्रह्मांडीय विस्फोट का सबसे घना केंद्रीय हिस्सा है जिससे ब्रह्मांड के निर्माण में ऐसे तारों की भूमिका के संबंध में खुलासा हो सकता है। यह तारा सबसे कम उम्र का है और केवल 330 वर्ष पहले जन्मा है।
इसकी खोज से जुड़े कनाडा के अलबर्टा विश्वविद्यालय के प्रोफेसर क्रेग हिंके ने कहा कि इस खोज से हमें यह समझने में मदद मिल रही है कि किस प्रकार सुपरनोवा विस्फोटों से न्यूट्रॉन तारों का जन्म हुआ था।
हिंके ने कहा कि जन्म के समय यह न्यूट्रॉन तारा इतना गर्म था कि इसकी सतह पर परमाणु संलयन हुआ, जिससे कार्बन के वायुमंडल की 10 सेंटीमीटर मोटी परत का निर्माण हुआ। साथ ही उन्होंने कहा कि एक्स किरणों के शक्तिशाली स्रोत के रूप में इसकी पहचान के बाद यह रहस्य बना हुआ था। (भाषा)