अविश्वास और टकराव के लंबे दौर के बाद अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कहा कि वह तेल से मालामाल ईरान के साथ दोस्ती चाहता है।
अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कहा मैंने यह साफ कर दिया कि अमेरिका (लगातार शक, अविश्वास और टकराव के) इस अतीत से आगे जाना चाहता है और परस्पर हितों और परस्पर सम्मान के आधार पर इस्लामी गणराज्य ईरान के साथ रिश्ता बनाना चाहता है।
ओबामा ने तेहरान में अमेरिकी दूतावास पर कब्जे की 30वीं बरसी के अवसर पर जारी एक बयान में कहा कि हम ईरान के आंतरिक मामलों में दखल नहीं देते। ओबामा का यह बयान ईरान की मुख्य भाषा फारसी में भी जारी किया गया।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि चार नवंबर 1979 को शुरू हुए (दूतावास प्रकरण के) 444 दिन ने बहादुर अमेरिकियों के जीवन को बहुत प्रभावित किया जिन्हें अनुचित रूप से बंधक बनाया गया था, और हम इस असाधरण सेवा एवं कुरबानी के लिए इन अमेरिकियों और उनके परिवार के आभारी हैं।
ओबामा ने कहा कि इस घटना ने अमेरिका और ईरान को टिकाऊ शक, अविश्वास और टकराव की राह पर धकेला। (भाषा)