लंदन (भाषा) , शुक्रवार, 9 अक्टूबर 2009( 21:45 IST )
वर्ष 2009 के नोबेल शांति पुरस्कार के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के चौंका देने वाले चयन के बाद विश्व नेताओं ने इस फैसले की प्रशंसा करते हुए कहा है कि यह ओबामा के लिए प्रेरणादायी है ताकि वे शांति के लिए अधिक प्रयास करें।
कुछ नेताओं का मानना है कि इस सम्मान का उद्देश्य अमेरिका के दुश्मन समझे जाने वाले देशों के साथ संधि प्रस्ताव की कूटनीति जारी रखने के लिए 48 वर्षीय ओबामा को प्रोत्साहित करना है।
नोबेल समिति का फैसला कई लोगों के लिए आश्चर्य लेकर आया है क्योंकि ओबामा का बतौर अमेरिकी राष्ट्राध्यक्ष कार्यकाल महज आठ महीने का है।
शुरुआती प्रतिक्रिया जर्मनी की चांसलर एंजेला मर्केल की ओर से आई, जिन्होंने इस सम्मान को ‘राष्ट्रपति और हम सभी के लिये’ शांति को लेकर अधिक काम करने की एक ‘प्रेरणा’ करार दिया।
‘काफी ज्यादा खुशी’ जाहिर करते हुए फ्रांस के राष्ट्रपति निकोलस सरकोजी ने कहा कि इससे ओबामा का शांति तथा न्याय के कार्य के प्रति दृढ़ संकल्प मजबूत होना चाहिए।
सरकोजी ने ओबामा को भेजे संदेश में कहा कि यह पुरस्कार ‘देशों, संस्कृतियों और सभ्यताओं के बीच सहिष्णुता और संवाद के आपके दृष्टिकोण के साथ न्याय करता है।
उधर, संयुक्त राष्ट्र प्रमुख बान की मून ने भी ओबामा को बधाई देते हुए कहा कि वह विश्व के मुद्दों से निपटने में ‘संवाद की नई भावना’ के जीते जागते स्वरूप हैं।
दिलचस्प रूप से, अमेरिका के चिर प्रतिद्वंद्वी ईरान ने भी इस चयन को ओबामा के लिए ‘प्रेरणादायी’ करार दिया ताकि ओबामा ‘विश्व व्यवस्था में इंसाफ लाने के रास्ते पर चलते रहें’।
वर्ष 2008 के नोबेल शांति पुरस्कार सम्मानित फिनलैंड के राष्ट्रपति मारत्ती अहतीसारी ने कहा कि हम अब भी मध्य पूर्व में शांति नहीं ला सके हैं। इस समय यह काफी स्पष्ट है कि वे इन मुद्दों पर ओबामा को प्रोत्साहित करना चाहते हैं।
फिलिस्तीनी नेता महमूद अब्बास ने ओबामा को बधाई दी और उम्मीद जताई कि उनके राष्ट्रपति रहते फिलिस्तीनी राष्ट्र का निर्माण होगा।
अफगानिस्तान के राष्ट्रपति हामिद करजई ने कहा कि ओबामा की ‘उनकी कड़ी मेहनत और वैश्विक संबंधों पर उनके नए दृष्टिकोण, उनकी इच्छा और विश्व के साथ अच्छे संबंध बनाने की उनकी कोशिशों’ के लिए पहचान की गई है।
तालिबान ने इस चयन की निंदा करते हुए कहा कि ओबामा ने अफगानिस्तान में शांति बहाल करने के लिए कुछ नहीं किया।