सेंट पीटर्सबर्ग, सोमवार, 7 सितंबर 2009( 11:08 IST )
यूँ तो रूस अपने हरे मेलाकाइट पत्थर की खदानों और उससे बनी भव्य इमारतों और सुंदर जड़ाऊ आभूषणों के लिए मशहूर है, लेकिन मॉस्को के मशहूर यूक्रेन होटल में जयपुर की खदानों से लाया गया खास संगमरमरी पत्थर लगाया जा रहा है।
स्टालिन ने शेष योरप और अमेरिका के समक्ष रूस का वर्चस्व स्थापित करने के लिए मॉस्को में पाँच गगनचुंबी इमारतों का निर्माण करवाया था। सुनहरे गुंबदों से सजी ये इमारतें ऊपर से देखने पर पाँच सितारों के रूप में दिखती हैं
यूक्रेन होटल की इमारत दरअसल ऐतिहासिक धरोहर है। इसका निर्माण स्टालिन ने करवाया था और ये स्टालिन की मशहूर 'सात बहनों' में से एक है। स्टालिन ने शेष योरप और अमेरिका के समक्ष रूस का वर्चस्व स्थापित करने के लिए मॉस्को में पाँच गगनचुंबी इमारतों का निर्माण करवाया था। सुनहरे गुंबदों से सजी ये इमारतें ऊपर से देखने पर पाँच सितारों के रूप में दिखती हैं। बाद में इसी तर्ज पर दो और इमारतों का निर्माण हुआ और ये स्टालिन की सात बहनों के रूप में मशहूर हुईं।
ताजिकिस्तान में इंदौरी भाई : ताजिकिस्तान में एक सुखद संयोग हुआ। जिस गाड़ी में मैं सवार हुआ, उसमें एक इंदौरी भाई मिल गए। इंदौर के अहिल्या नगर, अन्नापूर्णा रोड निवासी विष्णुदत्त शर्मा यहाँ मेडिकल की पढ़ाई कर रहे हैं और स्थानीय दूतावास ने उन्हें अनुवाद व यात्रा में सहयोग के लिए नियुक्त किया है। मैंने जब उन्हें अपने साथ लाई इंदौरी सेव खिलाने का वादा किया तो वे खुश हो गए। जिस विश्वविद्यालय में वे पढ़ रहे हैं उसकी स्थापना भी भारत के सहयोग से ही हुई थी।
फूलों के शौकीन : रूस के लोगों को फूलों से बेहद प्यार है और यह प्यार मॉस्को और सेंट पीटर्सबर्ग के प्रमुख मार्गों से लेकर छोटी गलियों तक हर तरफ देखा जा सकता है। मार्ग विभाजकों और सड़क के दोनों ओर लगी घास की क्यारियों के बीच जगह-जगह फूलों को सुंदर आकार देकर या तो कुछ लिखा होता है या डिजाइन बना दी जाती है। इन फूलों को न तो कोई छेड़ता है और न चुराता है।
पीटर्सबर्ग में शादियों का दिन : सेंट पीटर्सबर्ग में हमारा स्वागत तेज बारिश के साथ हुआ। एयरपोर्ट से होटल के रास्ते में दिलचस्प नजारा रास्ते में पड़ने वाले चर्चों में दिखा जहाँ खूबसूरत गाउन में सजी दुल्हन और सूट-बूट में तैयार दूल्हे छाता लेकर अपने परिजनों के साथ खड़े थे। वे चर्च में अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे। दरअसल यह शनिवार का दिन था और यहाँ अधिकतर शादियाँ सप्ताहांत में ही होती हैं ताकि सभी परिजन शामिल हो सकें।
राष्ट्रपति दुशाम्बे पहुँचीं : राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल अपनी दो दिवसीय ताजिकिस्तान यात्रा पर रविवार शाम राजधानी दुशाम्बे पहुँचीं। यहाँ उनका समारोहपूर्वक स्वागत किया गया। हवाई अड्डे पर उनका स्वागत ताजिकिस्तान के प्रधानमंत्री अकिल अकिलोव और उप विदेशमंत्री कुर्बान मामादोनोविच ने किया। श्रीमती पाटिल यहाँ कई अन्य कार्यक्रमों के अलावा 8 सितंबर को ताजिकिस्तान के स्वतंत्रता दिवस समारोह में शामिल होंगी।