राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी भले ही भारत के बजाय तालिबान को अपने देश के लिए सबसे बड़ा खतरा मानते हों लेकिन पाकिस्तानी सेना अब भी भारत को ‘खतरा’ मानती है। इस बात का संकेत एक शीर्ष अमेरिकी सैन्य अधिकारी ने दिया है।
सीबीएस चैनल के ’फेस द नेशन’ कार्यक्रम में अमेरिकी ज्वाइंट चीफ ऑफ स्टाफ के अध्यक्ष एडमिरल माइक मुलेन ने कहा कि पाकिस्तानी सेना प्रमुख अशफाक परवेज कयानी भारत और आंतरिक विद्रोह दोनों पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।
मुलेन ने कहा, ‘वे भारत से खतरे के साथ-साथ बढ़ती विद्रोही गतिविधियों से खतरे को लेकर चिंता पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। वे दोनों को निपटा रहे हैं।’
यह पूछे जाने पर कि आतंकवाद के खिलाफ जंग में पाकिस्तानी सेना कैसा काम कर रही है तो मुलेन ने कहा, ‘वे अच्छा काम कर रहे हैं। एक साल पहले हम और आप यहाँ बैठकर बातचीत कर रहे थे कि पाकिस्तानी क्या नहीं कर रहे हैं।’
पाकिस्तान के अशांत पश्चिमोत्तर क्षेत्र में आतंकवादियों के खिलाफ अभियान तेज करने के बाद जरदारी ने कहा था कि तालिबान उनके देश के लिए मुख्य खतरा है।
अमेरिका ने पाकिस्तान से कहा था कि वह अपनी पश्चिमी सीमा से सैनिकों को हटाकर अफगानिस्तान से लगी पूर्वी सीमा पर तैनात करे। इसी इलाके में तालिबान का गढ़ है।
मुलेन ने कहा कि पाकिस्तानी सेना प्रमुख के पास सोची-समझी योजना है और वह अपनी योजना पर हैं। मुलेन ने कहा,‘ वे अपने देश को अच्छी तरह जानते हैं। सैन्य नेतृत्व अपने देश को अच्छी तरह जानता है। मेरा मानना है कि वे इससे निपट रहे हैं।’ |