द हिन्दू काउंसिल यूके ने आपसी सहमति से बने समलैंगिक सम्बन्धों को अपराध नहीं मानने के दिल्ली उच्च न्यायालय के ऐतिहासिक फैसले का स्वागत करते हुए शनिवार को कहा कि हिन्दुत्व भी समलैंगिक संबंधों की निन्दा नहीं करता।
काउंसिल के महासचिव अनिल भनोट ने कहा कि ब्रिटेन के हिन्दू समलैंगिक लोग इस बात से खुश हैं कि अब उनके जैसे लोगों को भारत में भी वही आजादी हासिल होगी जो इस समुदाय को यहाँ मिल रही है।
उन्होंने कहा कि यह वास्तव में एक अच्छी खबर है कि लोगों को प्राकृतिक नियम के चलते होने वाले भेदभाव का सामना नहीं करना पड़ेगा।
भनोट ने कहा कि हिन्दुत्व से जुड़े दस्तावेज यह बताते हैं कि समलैंगिक अवस्था एक ‘जैविक स्थिति’ है। इसके अलावा धर्मग्रंथों में भी माता-पिता को एक समलैंगिक बच्चे को वजूद में आने से रोकने से लिए दिशानिर्देश भी दिये गए हैं। |